- इंदौर के पांच सितारा होटल में कार्यशाला बनाम फेयरवेल पर उठ रहें हैं सवाल - कार्यशाला को पीसीसीएफ धीमान इसी माह हो रहे रिटायर भोपाल (ईएमएस)। प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र के नाम संदेश दिया कि वर्क फ्रॉम होम को प्राथमिकता दें और पेट्रोल-डीज़ल की खपत कम करें। इसी कड़ी में मप्र के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने भी राजनेताओं और नौकरशाहों को ईंधन की खपत कम करने के निर्देश दिए हैं। बावजूद इसके, फारेस्ट के शीर्ष अफसर इंदौर के पांच सितारा ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर इंदौर में 15 मई को कार्यशाला आयोजित की है। इस कार्यशाला को पीसीसीएफ विकास पुरुषोत्तम धीमान फेयरवेल पार्टी से जोड़कर देखा जा रहा है, क्योंकि धीमान इसी माह सेवानिवृत होने जा रहें हैं। इसके पहले एक कार्यशाला पेंच के आलीशान तथास्तु होटल में आयोजित किया गया था। 15 मई को इंदौर के पांच सितारा ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर इंदौर में आयोजित कार्यशाला में वन भवन में पदस्थ पीसीसीएफ और एपीसीसीएफ सहित एक दर्जन से अधिक अफसर अपने-अपने लक्ज़री वाहन परिवार के साथ शामिल होने जा रहें हैं। इसके अलावा खंडवा, उज्जैन और इंदौर के करीब 18 डीएफओ अपनेअपने वाहनों से इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर पहुंचेंगे। इसके अलावा अफसरों की खुशामदीद और व्यवस्था के लिए अलग से दर्जनों वाहनों का इंतजाम किया जा रहा है। यानि एक दिन की कार्यशाला में हजारों लीटर पेट्रोल को व्यर्थ में फूंकने और अफसरों के स्वागत-सत्कार में लाखों पर खर्च करने के औचित्य पर सवाल उठ खड़े हो रहें हैं। - कार्यशाला के बारे में धीमान से पूछो : सेन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आर्थिक राष्ट्र संकट के प्रति आगाह करते हुए वर्क फ्रॉम होम को प्राथमिकता देने की बात कही है। यानि पीएम मोदी की सलाह पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कार्यशाला आयोजित कर सकते हैं। इससे करीब लाखों रुपए के राजस्व बचत होगी। जब वन बल प्रमुख शुभ रंजन सेन का ध्यान पीएम के संदेश की ओर आकृष्ट कराया तब उनका जवाब था कि हम उनके पास जा रहें है। सेन ने आगे बताया कि कार्यशाला आयोजन के बारे में धीमान से पूछो। उल्लेखनीय है कि कार्यशाला का आयोजन पीसीसीएफ विकास पुरुषोत्तम धीमान ने आयोजित किया है। -असीम श्रीवास्तव के कार्यकाल में हुई थी परिपाटी 1988 बैच के आईएफएस असीम श्रीवास्तव फरवरी 2024 में वन बल प्रमुख बने। तब 1992 बैच के आईएफएस अफसर पीसीसीएफ विकास यूके सुबुद्धि ने क्षेत्रीय कार्यशाला के बहाने पूर्व रिटायर्डमेंट फेयरवेल पार्टी का आयोजित करवाया। सुबुद्धि नवंबर 24 में रिटायर्ड हुए और तब लोगों को समझ में नहीं आया। इस आयोजन का असल मकसद तब समझ आया जब जून 25 तत्कालीन पीसीसीएफ विकास सुदीप सिंह ने अपने रिटायर मंथ में पांच सितारा होटलों में क्षेत्रीय कार्यशाला के आयोजन करवाया। इंदौर और ओरछा की होटलों से तस्वीरें मीडिया में आई, उससे कार्यशाला का असल मकसद सार्वजनिक हो गया।इंदौर में गेट-टू-गेदर यानि कार्यशाला बनाम मौज-मस्ती की पाठशाला में क्या-क्या हुआ, यह किसी से छुपा नहीं है। गिफ्ट से लेकर सूटरूम तक को लेकर सबसे अधिक विवाद हुआ। तब भी सेवानिवृत आईएफएस डबास ने इसे मस्ती की पाठशाला की संज्ञा देते मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव को पत्र लिखा था। अब डबास सीएम को पत्र लिखने जा रहें हैं।