प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पांच राज्यों के चुनाव में व्यस्त थे। पिछले 3 महीने से चुनाव और खाड़ी युद्ध साथ-साथ चल रहा था। ऐसी स्थिति में सरकार चुनाव में व्यस्त थी। जैसे ही चुनाव परिणाम आए। उसके बाद सरकार की प्राथमिकता कच्चे तेल रसोई गैस और खाद के संकट को दूर करने में लग गई है। सरकार ने इसे प्राथमिकता में लिया है। सरकार को एक कठिनाई विदेशी मुद्रा भंडार की जरूर आ रही है।सरकार इसके लिए भी जल्द कोई इंतजाम कर लेगी। बाकी सब चंगा है, सरकार फिक्र कर रही है।जनता को परेशान होने की जरूरत नहीं है। प्रधानमंत्री की अपील पर जन प्रतिक्रिया प्रधानमंत्री मोदी ने आम जनता से अपील की है। वह किफायत के साथ पेट्रोल डीजल और गैस का उपयोग करे।भारत के पास खाड़ी देशों की तरह बड़े-बड़े तेल के कुएं नहीं हैं। कच्चा तेल खरीदने के लिए भी विदेशी मुद्रा खर्च करनी पड़ती है। प्रधानमंत्री ने 1 साल सोना नहीं खरीदने का आग्रह भारत की जनता से किया है। सोने की खरीदी में भारत को बहुत ज्यादा विदेशी मुद्रा खर्च करनी पड़ रही है।सही बात है, सोना खाने की चीज नही है। संकट से निपटने के लिए यदि 1 साल नहीं खरीदेंगे, तो कुछ बिगड़ने वाला नहीं है। आम जनता को प्रधानमंत्री मोदी की समझाइस को मानना ही पड़ेगा। इसके अलावा जनता के पास कोई विकल्प भी नहीं है। सरकार ने जब कोरोना महामारी से निपटा लिया है। तो इस संकट से भी सरकार निपट ही लेगी। यह भरोसा तो रखना ही पड़ेगा। अजारी और बीमारी में पैसा खर्च करना ही बुद्धिमानी है जब तक चुनाव चल रहे थे। सरकार कह रही थी, तेल गैस का कोई संकट नहीं है। जैसे ही चुनाव खत्म हुए। सरकार के सामने तेल संकट आ गया है।जब संकट आ ही गया है, तो मुकाबला करने के लिए महंगी गैस, महंगा पेट्रोल डीजल खाद खरीदना पड़े। तो संकट के समय इसकी चिंता नहीं करनी चाहिए। बीमार की जान बच जाएगी। संकट के समय जमा पैसा काम आ जाएगा। इसी समय के लिए पैसा बचाकर रखा जाता है। सरकार ने संकट बता दिया है।संकट का मुकाबला आम जनता को करना है। सरकार के उपदेश पर विपक्ष हमलावर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के लोगों को पेट्रोल डीजल गैस मैं किफायत बरतने और 1 साल तक सोना नही खरीदने की अपील की है। विपक्ष ने प्रधानमंत्री की अपील को परउपदेश कुशल बहुतेरे बताते हुए सरकार पर हमला कर दिया है। विपक्ष का कहना है, सरकार की गलत नीतियों और चुनाव खत्म होते ही आम जनता को उपदेश देने के लिए बड़ी-बड़ी बातें कर रहे हैं। सबसे ज्यादा पेट्रोल, डीजल, और पैसे का दुरुपयोग प्रधानमंत्री और भाजपा की चुनावी रैलियां और रोजाना हो रहे इवेंट में उनकी पार्टी कर रही है। पहले वह उपदेश का पालन अपने लिए करें, बाद में जनता को उपदेश दें। एसजे/ईएमएस/13/05/2026