खेल
13-May-2026
...


डबलिन (ईएमएस)। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व मुख्य कोच राहुल द्रविड़ ने कहा है कि आजकल के क्रिकेट जिस दौर में पहुंच गया है वहां बल्लेबाज हावी नजर आते हैं और गेंदबाजों की भूमिका उनके मुकाबले कमजोर नजर आती है। द्रविड़ के अनुसार इस प्रकार के हालातों में अपना दबदबा फिर से बनाने के लिए गेंदबाजों को अपने में बदलाव करना होगा। तभी वे बदलते हुए दौर में टिक पायेंगे। इस पूर्व कप्तान मानना है कि पिछले कुछ वर्षों में बल्लेबाजों ने खेल को पूरी तरह से बदल दिया है, जबकि गेंदबाज अभी भी उस स्तर तक पहुंचने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। डबलिन में यूरोपीय टी20 प्रीमियर लीग (ईटीपीएल) से जुड़े एक कार्यक्रम के दौरान द्रविड़ ने कहा कि टी20 क्रिकेट में बल्लेबाजी का स्तर लगातार ऊंचा होता जा रहा है। साथ ही कहा, पिछले दो-तीन साल में बल्लेबाजी में जिस तरह का बदलाव आया है, उसे देखते हुए मुझे लगता है कि गेंदबाजों को उस स्तर तक पहुंचने के लिए अब काफी मेहनत करनी होगी। द्रविड़ ने विशेष रूप से युवा भारतीय बल्लेबाजों की भी प्रशंसा करते हुए कहा है कि इन लोगों ने पावरप्ले में बल्लेबाजी के अंदाज को ही बदल दिया है। उन्होंने अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी, आयुष मात्रे और प्रियांश आर्य जैसे खिलाड़ियों का जिक्र किया, जो अब मैदान के हर हिस्से में बड़े शॉट खेलते हैं। द्रविड़ ने साथ ही कहा कि आजकल बल्लेबाजी कौशल, छक्के लगाने की क्षमता और मैदान के अलग-अलग हिस्सों में शॉट खेलने की कला पहले से कहीं बेहतर हुई है, जिसने गेंदबाजों को परेशानी में डाल दिया है। साथ ही कहा कि आज के इस दौर में गेंदबाजों को भी विविधता लानी होगी । उन्होंने कहा, अगर संतुलन की बात करें तो फिलहाल बल्लेबाज, गेंदबाजों की तुलना में टी20 क्रिकेट की मांगों के हिसाब से ज्यादा बेहतर तरीके से ढले हैं। हालांकि, द्रविड़ को उम्मीद है कि आने वाले समय में गेंदबाज इसका सामना बेहतर तरीके से कर सकेंगे। द्रविड़ ने इस बात पर भी जोर दिया कि सपाट पिचों पर गेंदबाजों के लिए लगातार सफल होना आसान नहीं है और उन्हें कुछ अतिरिक्त सहायता की जरूरत होगी। इसके लिए विकेट को थोड़ा चुनौतीपूर्ण बनाना होगा ताकि गेंदबाजों को भी सहायता मिले। साथ ही कहा कि कोई भी ऐसा बदलाव जो गेंदबाजों की सहायता करें वह किया जाना चाहिये। तभी गेंद और बल्ले में संतुलन आयेगा। उन्होंने कहा कि क्रिकेट पूरी तरह से बल्लेबाजों या गेंदबाजों के पक्ष में झुका नजर नहीं आना चाहिये। उन्होंने खेल में संतुलन के महत्व पर बल दिया और कहा, हम नहीं चाहते कि संतुलन किसी एक तरफ बहुत ज्यादा झुक जाए। खेल तभी रोमांचक होगा जब दोनो के बीच संतुलन रहेगा। गिरजा/ईएमएस 13 मई 2026