- तेरा तुझको अर्पण अभियान के तहत ग्वालियर पुलिस का आमजन को उपहार साइबर सेल ग्वालियर ने ब्म्प्त् च्व्त्ज्।स् के माध्यम से 01 करोड़ 41 लाख रूपये कीमत के 571 मोबाइल खोजे ग्वालियर ( ईएमएस ) | ग्वालियर पुलिस को प्रतिदिन मोबाइल गुम होने संबंधी आवेदन सी.ई.आई.आर.पोर्टल के माध्यम से प्राप्त हो रहे हैं। जिस पर से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ग्वालियर श्री धर्मवीर सिंह (भापुसे) द्वारा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर (पूर्व) श्रीमती विदिता डागर (भापुसे), अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर (मध्य/यातायात) श्रीमती अनु बेनीवाल (भापुसे), अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर (पश्चिम/अपराध) श्रीमती सुमन गुर्जर (रापुसे) एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण जयराज कुबेर (रापुसे) को अपने अधीनस्थ थाना क्षेत्रों में गुम मोबाइलों को ट्रेस कराने हेतु निर्देशित किया गया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर (पश्चिम/अपराध) द्वारा उक्त गुम मोबाइलों को साइबर सेल ग्वालियर की टीम से ट्रेस कराकर उनकी शीघ्र बरामदगी कराने हेतु लगाया गया। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशांे के परिपालन में साइबर सेल टीम द्वारा उक्त आवेदनों पर त्वरित कार्यवाही करते हुए विगत 02 माह की अवधि मे ब्म्प्त् च्व्त्ज्।स् के माध्यम से विभिन्न कम्पनियों के 571 मोबाइलों को देश के अलग-अलग राज्यों एवं शहरों से बरामद किया गया है, जिनकी कुल कीमत लगभग 01 करोड़ 41 लाख रूपये है। आवेदकों का विवरणः- 1. सपना श्रीवास्तव सरकारी शिक्षक है एसआईआर ड्यूटी के दौरान उनका मोबाईल गुम हो गया। 2. आकाश राठौर पार्ले कम्पनी मे फील्ड की नौकरी करते है और नौकरी पर जाते समय मोबाइल गुम हो गया था जिससे नौकरी मे काफी कठनाई का सामना करना पड़ा। 3. रामकुमार राजावत आर्मी जवान है पंजाब रेजीमेंट में पदस्थ होकर देश की सेवा कर रहे है। जो ग्वालियर अवकाश पर आये थे, तभी उनका मोबाईल गुम हो गया था। 4. मनीष मौर्य जिला पंचायत कार्यालय मे बाबू है जिनका बाजार जाते समय मोबाइल गुम हो गया था। 5. पुष्पा बाथम दूसरों के घरो में झाड़ू पोंछा का काम करके अपने जीवन यापन करती है। काम पर जाते समय मोबाइल गुम हो गया था। 6. अजय सिंह एमआईटीएस कॉलेज मे बीटेक के छात्र है और ट्रेनिंग के दौरान मोबाइल गुम हो गया था। इसी प्रकार अन्य आवेदक गणों के मोबाइल भी गुम हुये थे, जिस कारण सभी बहुत परेशान थे। सभी आवेदकांे के द्वारा मोबाइल गुम होने की शिकायत सीईआईआर पोर्टल पर की गई थी। साइवर सैल द्वारा त्वरित कार्यवाही कर मोबाईल बरामद किये गये। जिन्हे आज दिनांक को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ग्वालियर द्वारा समस्त मोबाईल धारकों को प्रदाय किये गये। अपना मोबाइल प्राप्त कर सभी मोबाइल धारकों के चेहरे पर पुनः मुस्कान लौट आई। सभी मोबाइल मालिकों द्वारा मोबाइलों के वापिस मिलने पर पुलिस अधिकारियों एवं साइबर सेल की टीम को धन्यवाद ज्ञापित किया गया है। ग्वालियर पुलिस द्वारा उन नागरिकों को भी प्रोत्साहन हेतु प्रशस्ति पत्र प्रदाय किये गये हैं - जिनमें गौरव जैन, गौरव करोसिया, भूपेन्द्र सिंह भदौरिया ,आशीष उपाध्याय, सतेन्द्र यादव ;चालक 112द्ध शामिल हैं, जिन्होने जागरुक नागरिक होने का कर्तव्य निर्वहन करते हुये लावारिस मिले मोबाइलों को साइबर सेल में आकर स्वयं जमा कराकर सराहनीय कार्य किया। पुलिस अधीक्षक ग्वालियर ने साइबर सेल की टीम को उक्त सराहनीय कार्य हेतु पुरस्कृत करने की घोषणा की है। सराहनीय भूमिकाः- उक्त मोबाइलों को खोजने में प्रभारी साइबर सेल उप निरीक्षक श्रीमती रजनी सिंह रघुवंशी, उनि0 विश्वीर सिंह जाटए आरक्षक सोनू प्रजापतिए शिवकुमार यादव, आशीष शर्मा, विपिन सिकरवार, देवेश शर्मा, शैलेन्द्र गौड़, अजय यादव एवं विभिन्न थानों के आरक्षक हितेन्द्र शर्मा (ग्वालियर), अशोक लोधी (भितरवार), दीपक रावत (डबरा सिटी), बालेन्द्र शर्मा (हजीरा), रीतेश (गिजौर्रा ), गौरव जाट (बेलगढा), राहुल शर्मा (गोले का मन्दिर), धर्मेन्द्र (इंदरगंज)ए सर्वेश गुप्ता (हस्तिनापुर), पवन यादव (जनकगंज), सुनील धाकड़ (मोहनाद्धए नवल (कम्पू), राहुल जाट(मुरार) की सराहनीय भूमिका रही। क्या है? ब्म्प्त् पोर्टल सी.ई.आई.आर.पोर्टल:- सीईआईआर (सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर) भारत सरकार दूरसंचार विभाग का पोर्टल है। ब्म्प्त्.ैंदबींत ैंजीप की मदद से कोई भी व्यक्ति अपने चोरी अथवा गुम हुए मोबाइल का आईएमईआई नंबर ब्लॉक कर अपनी षिकायत दर्ज करा सकते हैं, जिसके उपरान्त पुलिस द्वारा इस पोर्टल के माध्यम से मोबाइल को आसानी से खोजा जा सकेगा। मोबाइल गुम होने पर पोर्टल पर ऐसे करें शिकायत:- अगर अपका मोबाइल गुम या चोरी हो गया है तो सबसे पहले नजदीकी थाने जाकर शिकायत दर्ज करायें और अपनी सिम को संबंधित कंपनी से पुनः निकलवायें, इसके बाद सीईआईआर पोर्टल ;ूूूण्बमपतण्हवअण्पदद्ध पर जाकर मोबाइल का आईएमईआई नंबर ब्लॉक करें जिसमे थाना का शिकायती आवेदन, मोबाइल का बिल और अपना एक पहचान पत्र पोर्टल पर अपलोड कर आवेदन ऑनलाइन जमा करें। उसके बाद आपको एक 18 अंकों की एक रिक्वेस्ट आईडी मिल जायेगी जिससे शिकायत की स्थिति का पता किया जा सकेगा।