13-May-2026
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नई दिल्ली (ईएमएस)। नई दिल्ली में 14 और 15 मई को ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की महत्वपूर्ण बैठक शुरू हो गई है। भारत इस साल 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है, और इसी कड़ी में इस दो दिवसीय आयोजन में सदस्य देशों तथा कई आमंत्रित राष्ट्रों के वरिष्ठ राजनयिकों का जमावड़ा लगा है। बैठक का उद्देश्य वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करना। इस बैठक में ब्राजील, रूस, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इथियोपिया और इंडोनेशिया के विदेश मंत्रियों के शामिल होने की संभावना है। संयुक्त अरब अमीरात का प्रतिनिधित्व उप-विदेश मंत्री स्तर पर होने की उम्मीद है, जबकि चीन के शेरपा का प्रतिनिधिमंडल इसमें शिरकत करेगा। दक्षिण अफ्रीका के अंतरराष्ट्रीय संबंध मंत्री रोनाल्ड ओजी लामोला मंगलवार को और इंडोनेशिया के विदेश मंत्री सुगिओनो बुधवार को नई दिल्ली पहुंच चुके हैं। ईरान ने भी अपने विदेश मंत्री अब्बास अराघची के शामिल होने की सूचना दी है, हालांकि क्षेत्रीय स्थिति के कारण उनकी योजना में बदलाव संभव है। रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव भी जल्द पहुंचने वाले हैं, जहां वे अपने भारतीय समकक्ष एस. जयशंकर के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेगा। उल्लेखनीय है कि चीन के विदेश मंत्री वांग यी व्यस्तता के चलते बैठक में शामिल नहीं हो रहे हैं; उनके स्थान पर भारत में चीन के राजदूत शी फीहोंग प्रतिनिधित्व करेंगे। चीन ने भारत द्वारा ब्रिक्स की अध्यक्षता करने के लिए समर्थन व्यक्त किया है। भारतीय विदेश मंत्रालय द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, 14 मई को विदेश मंत्रियों का आगमन भारत मंडपम में हुआ, जिसके बाद पहले सत्र की शुरुआत हुई। दिन के एक बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ सभी मंत्रियों की संयुक्त मुलाकात हुई और शाम को विदेश मंत्री डॉ. जयशंकर की तरफ से रात्रिभोज का आयोजन किया गया। 15 मई को तीसरे सत्र के साथ यह बैठक संपन्न होगी। इससे पहले 13वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 9 सितंबर 2021 को भारत में आयोजित किया गया था, जिसका थीम निरंतरता, समेकन और सहमति के लिए इंट्रा-ब्रिक्स सहयोग था। आशीष दुबे / 13 मई 2026