-एसआईआर बंगाल-बिहार में सरकारी योजनाओं के लिए फिल्टर के रूप में उभरी नई दिल्ली,(ईएमएस)। चुनाव आयोग की स्पेशल इंटेंसिव रिवीज़न (एसआईआर) पहल, जो मूल रूप से वोटर लिस्ट को शुद्ध करने के लिए शुरू की गई थी, अब पश्चिम बंगाल और बिहार में सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के लिए एक बड़े फिल्टर के रूप में उभर रही है। दोनों राज्यों की सरकारों ने साफ कर दिया है कि जिन लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए हैं, वे अब राशन और पेंशन जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के पात्र नहीं रहेंगे। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पश्चिम बंगाल में सीएम सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व में बीजेपी की पहली सरकार बनने के कुछ ही दिनों बाद, प्रशासन ने संकेत दिया कि जिन लोगों के नाम एसआईआर प्रक्रिया के दौरान हटा दिए गए थे, वे कई सरकारी वेलफेयर स्कीम के लिए पात्र नहीं होंगे। बिहार में भी इसी तरह के कदम उठाए जा रहे हैं, जहां एनडीए सरकार ने एसआईआर में नाम हटने के बाद राशन लिस्ट से लाभार्थियों को हटाना शुरू कर दिया है। एक रिपोर्ट के मुताबिक बिहार के सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि जिन लोगों के नाम राज्य की वोटर लिस्ट से हटा दिए गए हैं, उन्हें सरकारी लाभ जिसमें राशन और वेलफेयर स्कीम शामिल हैं नहीं मिलेंगे। कांग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद पी चिदंबरम ने बंगाल और बिहार द्वारा उठाए गए इन कदमों को बेहद आपत्तिजनक बताया है। उन्होंने कहा कि क्या नागरिकता चुनावी सूची में शामिल होने का आधार है, या चुनावी सूची में शामिल होना नागरिकता का आधार है? सुप्रीम कोर्ट को इस सवाल पर विचार करना चाहिए। कोलकाता के एक अखबार ने पश्चिम बंगाल की महिला एवं बाल कल्याण और समाज कल्याण मंत्री अग्निमित्रा पॉल के हवाले से कहा कि हम 1 जून से महिलाओं के लिए अन्नपूर्णा भंडार योजना शुरू करेंगे। महिलाओं को हर महीने 3,000 रुपए मिलेंगे, लेकिन जिन लोगों का सत्यापन अभी भी ट्रिब्यूनल द्वारा किया जा रहा है, उन्हें फिलहाल लाभार्थियों की सूची में शामिल नहीं किया जाएगा। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अगर उनमें से कोई बाद में फिर से चुनावी सूची में शामिल हो जाता है, तो उसे लाभार्थियों की सूची में शामिल कर लिया जाएगा। पश्चिम बंगाल के सीएम सुवेंदु अधिकारी ने कहा था कि कोई भी मौजूदा कल्याणकारी योजना बंद नहीं की जाएगी। अधिकारी के हवाले से कहा गया है कि सरकार के सभी सामाजिक कार्यक्रम चाहे वे 30 साल पहले शुरू हुए हों या 10 साल पहले जारी रहेंगे। अब ये सभी योजनाएं एक पारदर्शी प्रक्रिया के तहत काम करेंगी। किसी भी मृत व्यक्ति, अवैध घुसपैठिए या गैर-भारतीय नागरिक को राज्य के नागरिकों के लिए निर्धारित लाभ लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी। सिराज/ईएमएस 14मई26