- सरकार बताये पहले माननीयो के काफिले में कितनी गाड़ी चल रही थी, अब कितनी चल रही रायपुर(ईएमएस)। मंत्रियों, मुख्यमंत्रियों के काफिले में कटौती की घोषणा केवल कागजी है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि आज भी मंत्रियो के काफिले में अघोषित रूप से आधा दर्जन से अधिक गाड़ियां चल रही है। कार्केंड में कटौती का दावा कागजी है, असलियत यही है कि लाव लश्कर में कोई कमी नही है। घोषित गाड़ी के अलावा पायलेट, फॉलो चलाया जा रहा, साथ ही निजी स्टाफ एवं समर्थकों की गाड़ियां अलग से चल रही है। काफिले की सभी गाड़ियो को जोड़ा जाये तो दो दर्जन से अधिक गाड़ियां एक काफिले में चल रही है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि मुख्यमंत्री के काफिले में भी घोषित रूप से 8 वाहन चल रहे है। विधानसभा अध्यक्ष के काफिले में भी 8 से अधिक वाहन चल रहे है। राजभवन का काफिला भी भारी भरकम है। जबकि अघोषित रूप से इन सबके काफिले में भी अघोषित तौर पर दर्जनों वाहन चल रहे है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि आज भी सरकार के दो दर्जनों से अधिक अधिकारी विभिन्न विभागों के एमडी आदि के घरो में आधा दर्जनों से अधिक वाहन खड़े है। साहब के परिजन उसमें चलते है। मंत्रियों के ओएसडी, पी.ए. धड़ल्ले से शासकीय वाहनों का उपयोग कर रहे है। रायपुर उत्तर के विधायक पुरंदर मिश्रा सस्ता प्रचार पाने के लिये ई-रिक्शा पर दौरा करने निकले थे। लेकिन ई-रिक्शा के 1 किलोमीटर पीछे उनकी फॉर्चूनर चल रही थी। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि सरकार वास्तव में गाड़ियों के काफिले में कटौती कर रही तथा शासकीय रवैयो में कटौती की जा रही है, तो सरकार घोषित करे कि अभी तक सरकार के मुख्यमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष, राज्यपाल, मंत्रियों के काफिले में कितनी गाड़ियां चल रही थी तथा वर्तमान में कितनी चल रही है। सरकारी अधिकारियो के पास कितनी गाड़िया है। सरकार सार्वजनिक घोषित करे की राज्य सरकार के स्टेट गैरेज के पास कितने वाहन है? विभिन्न निगम मंडल आयोगो मे कितनी गाड़ियां किराये पर ली गयी है तथा सरकार ने कितनी कटौती किया है? सत्यप्रकाश(ईएमएस)14 मई 2026