ग्वालियर ( ईएमएस ) l ग्रामीण मजदूरों ने ग्राम जी कानून निरस्त करने एवं मनरेगा कानून को बहाल करने की मांग को लेकर आज देशभर में अखिल भारतीय खेत मजदूर यूनियन के आह्वान पर हड़ताल किया और सभी जिला कार्यालयॉ में राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन देकर मनरेगा बजट में कटौती न करने और बजट को ढाई हजार करोड़ रुपए करने मांग की l ग्वालियर में भी खेत मजदूर यूनियन के साथी रामबाबू जाटव की नेतृत्व में राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन देकर मांग किया गया कि शहरी वह ग्रामीण क्षेत्र में 200 दिन का रोजगार रुपए 700 प्रतिदिन की दर से दिया जाएl खेत मजदूर यूनियन के प्रदेश संयोजक रामबाबू जाटव ने बताया कि मनरेगा कानून 2004 में संप्रग सरकार द्वारा वामपंथी दलों की दबाव में पारित किया गया था l मोदी सरकार ने धीरे-धीरे मनरेगा के बजट में कटौती करना शुरू कर दिया और इसमें रोजगार में कमी होती गई l मनरेगा में 100% धन केंद्र सरकार द्वारा दिया जाता था परंतु ग्राम जी कानून के तहत 40% राशि धन राज्य सरकारों को देना पड़ेगाl सभी राज्य सरकारे कर्ज में डूबी पड़ी है, इसलिए राज्य सरकार इस धन को खर्च नहीं कर पाएंगे, इस प्रकार ग्राम जी के तहत रोजगार 125 दिन की बजाय 100 दिनों से भी कम हो जाएगा.