बीजिंग (ईएमएस)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अपना तीन दिवसीय चीन दौरा संपन्न कर स्वदेश रवाना हो गए। अपनी वापसी से पहले, उन्होंने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से बीजिंग के बेहद सुरक्षित और गोपनीय सत्ता केंद्र माने जाने वाले झोंगनानहाई परिसर में अंतिम दौर की बातचीत की। इस उच्च-स्तरीय मुलाकात के बाद, ट्रम्प ने बड़े आत्मविश्वास के साथ घोषणा की कि चीन के साथ शानदार ट्रेड डील हुई है, जो दोनों महाशक्तियों के रिश्तों के लिए अहम पड़ाव है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने बताया कि इन समझौतों से न केवल अमेरिका को बल्कि चीन को भी भरपूर फायदा होगा। उन्होंने कहा, हम दोनों ने कुछ शानदार समझौते किए हैं, जो दोनों देशों के लिए अच्छे हैं और भविष्य के सहयोग की नींव रखने वाले है। हालांकि, इन महत्वपूर्ण समझौतों के विशिष्ट विवरण या उनकी शर्तों को सार्वजनिक रूप से साझा नहीं किया गया, जिससे उनकी प्रकृति को लेकर उत्सुकता बनी हुई है। चीन से निकलते समय ट्रम्प को बीजिंग कैपिटल इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एक विशेष और भव्य विदाई दी गई। उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर पेश किया गया, और चीनी विदेश मंत्री वांग यी स्वयं उन्हें विदा करने एयरपोर्ट तक पहुंचे। एयर फोर्स वन के पास बड़ी संख्या में स्कूल के बच्चों ने उत्साहपूर्वक अमेरिकी और चीनी झंडे लहराए, जो दोनों देशों के बीच संबंधों में नरमी का संकेत था। विमान की सीढ़ियों पर चढ़ते वक्त ट्रम्प ने मुड़कर हाथ हिलाया और मुस्कराते हुए विदा ली। इस बीच, इस यात्रा के दौरान ताइवान का मुद्दा भी सुर्खियों में रहा। ताइवान के विदेश मंत्री लिन चिया-लुंग ने अमेरिका का समर्थन जारी रखने के लिए हार्दिक धन्यवाद व्यक्त किया। उन्होंने रेखांकित किया कि अमेरिका ताइवान स्ट्रेट में शांति और स्थिरता को अत्यधिक महत्व देकर लगातार उसका समर्थन कर रहा है। यह बयान अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के उस दृढ़ बयान के बाद आया, जिसमें उन्होंने स्पष्ट किया था कि ताइवान को लेकर अमेरिका की नीति अपरिवर्तित है, और चीन द्वारा बल प्रयोग को बहुत बड़ी गलती माना जाएगा। आशीष दुबे / 15 मई 2026