क्षेत्रीय
15-May-2026
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- इंदौर जू में छूट गई थी 7 वर्षीय बालिका, परिजन उज्जैन रवाना हो गए थे; महिला आरक्षकों ने प्यार से नाम पूछकर लगाया मोबाइल नंबर :: इंदौर (ईएमएस)। शहर में गुमशुदा बालक-बालिकाओं की खोजबीन के लिए पुलिस आयुक्त द्वारा दिए गए संवेदनात्मक निर्देशों का असर धरातल पर नजर आ रहा है। संयोगितागंज पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए चिड़ियाघर (जू) में अपने परिजनों से बिछड़ी एक 7 वर्षीय मासूम बालिका को महज कुछ ही घंटों में उसकी मां से मिलवा दिया। पुलिस की इस मानवीय कार्यप्रणाली की शहर में सराहना हो रही है। जानकारी के अनुसार, झाबुआ निवासी सीमा अपनी बहन के घर चोरल (इंदौर) आई थीं। वहां से पूरा परिवार बच्चों के साथ इंदौर चिड़ियाघर घूमने आया था। घूमने के दौरान 7 वर्षीय सुहानी भीड़ में अपनी मां और परिवार से बिछड़ गई। परिजनों को इसका आभास नहीं हुआ और वे आगे के भ्रमण के लिए उज्जैन रवाना हो गए। चिड़ियाघर के कर्मचारी अमित पगारे को जब बालिका अकेली और परेशान मिली, तो उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी। :: महिला आरक्षकों ने जीता मासूम का भरोसा :: वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर थाना प्रभारी की टीम बच्ची को सुरक्षा के साथ थाने लेकर आई। मासूम सुहानी इस कदर घबराई हुई थी कि वह कुछ बोल भी नहीं पा रही थी। ऐसे में महिला आरक्षक ऋतु सिर्वी और राजेश्वरी ने मां जैसा स्नेह देकर उसे सुरक्षित माहौल का अहसास कराया। धीरे-धीरे बच्ची का डर कम हुआ और उसने अपने माता-पिता का नाम और मोबाइल नंबर बता दिया। :: परिजनों ने माना पुलिस का आभार :: पुलिस ने दिए गए नंबर पर तुरंत संपर्क कर मां को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही परिजन उज्जैन की राह छोड़ तुरंत थाने पहुंचे। आवश्यक तस्दीक के बाद सुहानी को उसकी मां सीमा गवली के सुपुर्द किया गया। अपनी लाडली को सकुशल पाकर परिजनों की आंखों में खुशी के आंसू छलक आए। उन्होंने संयोगितागंज पुलिस की तत्परता और संवेदनशीलता के प्रति आभार व्यक्त किया। इस सराहनीय कार्य में कार्यवाहक थाना प्रभारी अरविन्द खत्री, उनि रमेशचन्द्र मोनिया और टीम की अहम भूमिका रही। प्रकाश/15 मई 2026