हमले से पहले इजराइली वायु सेना ने एक नकली अभियान चलाया था तेल अवीव,(ईएमएस)। इजराइली सेना ने गाजा में हमास के टॉप मिलिट्री लीडर इज्ज अद-दीन अल-हद्दाद को निशाना बनाया है। पीएम बेंजामिन नेतन्याहू और रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने इस हमले की जानकारी दी है। मीडिया ने रक्षा सूत्रों के हवाले से बताया कि शुरुआती संकेतों से पता चलता है कि हमास लीडर को मारने के लिए किया हमला सफल रहा। हालांकि, इजराइली सेना ने अभी तक इसकी पुष्टि नहीं की है। रिपोर्ट के मुताबिक आईडीएफ की दक्षिणी कमान और सैन्य खुफिया निदेशालय को अल-हद्दाद के ठिकाने के बारे में जानकारी मिली थी। इसके बाद इजराइली वायु सेना ने हमला करके हद्दाद के ठिकाने को निशाना बनाया। इजराइली खुफिया एजेंसियों ने लंबे समय तक जानकारी जुटाने के बाद हद्दाद के ठिकाने की पहचान की थी। मीडिया ने बताया कि आईडीएफ को 10 दिन पहले हद्दाद के ठिकाने पर हमला करने की मंजूरी दी गई थी। हमले से पहले इजराइली वायु सेना ने एक नकली अभियान चलाया था। इस अभियान का मकसद हमास को गाजा के हवाई क्षेत्र में होने वाली किसी भी असामान्य गतिविधि का पता न लगने देना था। इसके साथ ही यह तय करना था कि हमास की सैन्य शाखा और इसके साथ ही हद्दाद के करीबी लोग अलर्ट न होने पाएं। नेतन्याहू और काट्ज ने एक संयुक्त बयान में कहा कि हद्दाद हजारों इजराइली नागरिकों और आईडीएफ सैनिकों की हत्या, अपहरण और उन्हें नुकसान पहुंचाने के लिए जिम्मेदार था। बयान में आगे कहा है कि उसने हमारे बंधकों को बड़ी क्रूरता से कैद में रखा। हमारी सेनाओं के खिलाफ आतंकवादी हमले किए और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की अगुवाई वाले समझौते को लागू करने से इनकार किया, जिसका मकसद हमास को निशस्त्र करना और गाजा का विसैन्यीकरण करना था। सिराज/ईएमएस 16मई26