* राखड़ के गुबार से घुंटा जनता का दम कोरबा (ईएमएस) ऊर्जाधानी कोरबा में अचानक आए तेज अंधड़, मूसलाधार बारिश और धूलभरी हवाओं ने कुछ ही मिनटों में चमचमाते शहर की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया। चक्रवाती हवाओं के साथ कुछ इलाकों में मामूली ओलावृष्टि भी दर्ज की गई। इस अचानक बदले मौसम ने लोगों को संभलने तक का मौका नहीं दिया, जिससे पूरे शहर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। तेज आंधी और तूफान के कारण शहर के मुख्य मार्गों से लेकर रिहायशी इलाकों तक में भारी नुकसान की खबरें हैं। कई जगहों पर विशालकाय पेड़ और सड़क किनारे लगे बड़े-बड़े विज्ञापन होर्डिंग्स धराशायी हो गए। हवा का वेग इतना तेज था कि सड़कों पर चल रहे कई दोपहिया वाहन अनियंत्रित होकर गिर गए। तूफान के तुरंत बाद मुख्य मार्गों पर ट्रैफिक रेंगता हुआ दिखाई दिया और लोग जहां-तहां फंस गए। बारिश और आंधी शुरू होते ही शहर की बिजली व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई। तेज हवाओं के कारण बिजली के तार टूटने और फॉल्ट आने से पूरे शहर में अंधेरा छा गया। मौसम की इस मार से जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति निर्मित हो गई है, जिससे लोगों की परेशानी दोगुनी हो गई है। पुरानी बस्ती सहित कई इलाकों में बिजली व्यवस्था ठप्प रही। तेज हवाएं चलते ही स्थानीय पावर प्लांटों के राखड़ बांधों से उड़ने वाली राख ने पूरे शहर को अपनी आगोश में ले लिया। हवा में उड़ती इस जहरीली राख के गुबार के कारण चारों तरफ धुंध छा गई, जिससे विजिबिलिटी बेहद कम हो गई। इस उड़ती राख के कारण न केवल राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा, बल्कि लोगों को सांस लेने में तकलीफ और आंखों में जलन जैसी कई शारीरिक समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। 17 मई / मित्तल