राष्ट्रीय
17-May-2026
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नई दिल्ली (ईएमएस)। खराब खानपान, नींद की कमी, लंबे समय तक बैठे रहना और शारीरिक गतिविधियों की कमी बढ़ती उम्र के लोगों में हाई ब्लडप्रेशर के प्रमुख कारण माने जाते हैं, लेकिन अब कम उम्र के लोग भी तेजी से इसकी चपेट में आ रहे हैं। ऐसे में आयुष मंत्रालय दवाइयों के साथ योग और स्वस्थ दिनचर्या अपनाने की सलाह देता है। योग विशेषज्ञों के अनुसार, शवासन हाई ब्लडप्रेशर के मरीजों के लिए बेहद लाभकारी माना जाता है। यह आसन शरीर और मन दोनों को गहरी शांति देने का काम करता है। हाई ब्लडप्रेशर का एक बड़ा कारण मानसिक तनाव और लगातार सक्रिय रहने वाला दिमाग भी होता है। तनाव की स्थिति में शरीर में ऐसे हार्मोन बढ़ने लगते हैं, जो दिल की धड़कन को तेज कर देते हैं और रक्तचाप बढ़ाने लगते हैं। शवासन इस प्रक्रिया को नियंत्रित करने में मदद करता है। इस आसन को करने के लिए व्यक्ति पीठ के बल सीधा लेटता है और पूरे शरीर को ढीला छोड़ देता है। इसके बाद धीरे-धीरे सांस लेते हुए ध्यान केवल श्वास पर केंद्रित किया जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसा करने से दिमाग को शांति का संकेत मिलता है और शरीर का तंत्रिका तंत्र धीरे-धीरे सामान्य अवस्था में लौटने लगता है। शवासन के दौरान ली जाने वाली गहरी और धीमी सांसें शरीर में ऑक्सीजन के स्तर को बेहतर बनाती हैं, जिससे रक्त संचार संतुलित होता है और ब्लडप्रेशर नियंत्रित रखने में सहायता मिलती है। हाई ब्लडप्रेशर के अलावा शवासन मानसिक तनाव, चिंता और बेचैनी को कम करने में भी मददगार माना जाता है। नियमित अभ्यास से मन अधिक शांत रहता है और व्यक्ति मानसिक रूप से खुद को अधिक मजबूत महसूस करता है। यह आसन शरीर की थकान दूर करने में भी प्रभावी है। दिनभर की भागदौड़ के बाद शरीर में जो भारीपन और कमजोरी महसूस होती है, शवासन उसे कम करने में सहायक होता है। मांसपेशियों को पूरा आराम मिलने से शरीर दोबारा ऊर्जा महसूस करने लगता है। विशेषज्ञों के अनुसार, नींद की समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए भी शवासन काफी फायदेमंद हो सकता है। यह दिमाग को शांत कर नींद की गुणवत्ता सुधारने में मदद करता है। इसके अलावा पाचन तंत्र को बेहतर बनाने में भी इसे उपयोगी माना जाता है। तनाव कम होने और शरीर के रिलैक्स होने से पाचन क्रिया संतुलित रहती है, जिससे कब्ज, गैस और अपच जैसी समस्याओं में राहत मिल सकती है। नियमित अभ्यास से एकाग्रता और ध्यान लगाने की क्षमता में भी सुधार देखा जाता है। मालूम हो कि बदलती जीवनशैली और लगातार बढ़ते तनाव के कारण हाई ब्लडप्रेशर आज एक आम स्वास्थ्य समस्या बन गया है। पहले यह परेशानी मुख्य रूप से बढ़ती उम्र के लोगों में देखने को मिलती थी, लेकिन अब कम उम्र के लोग भी तेजी से इसकी चपेट में आ रहे हैं। सुदामा/ईएमएस 17 मई 2026