-भारतीय मूल की आबादी करीब 9.71 लाख, सबसे बड़ा विदेशी प्रवासी समूह नई दिल्ली,(ईएमएस)। विदेश में बेहतर करियर और स्थायी जीवन की तलाश करने वाले भारतीय युवाओं के लिए ऑस्ट्रेलिया लंबे समय से सबसे पसंदीदा देशों में शामिल है। हर साल हजारों भारतीय छात्र ऑस्ट्रेलिया जाने का सपना देखते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक ऑस्ट्रेलिया में पीआर मिलने की कोई तय समय सीमा नहीं होती। यह पूरी तरह वीजा श्रेणी, पेशा, पॉइंट स्कोर और दस्तावेजों की मजबूती पर निर्भर करता है। कुछ लोगों को 1 से 2 साल में पीआर मिल जाती है, जबकि कई लोगों को 3 से 5 साल तक इंतजार करना पड़ता है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक ऑस्ट्रेलियाई ब्यूरो ऑफ स्टैटिस्टिक्स के हालिया आंकड़ों के मुताबिक ऑस्ट्रेलिया में भारतीय मूल की आबादी करीब 9.71 लाख तक पहुंच गई है। इसके साथ ही भारतीय समुदाय ने ब्रिटेन से आए प्रवासियों को पीछे छोड़ दिया है और अब भारतीय ऑस्ट्रेलिया का सबसे बड़ा विदेशी प्रवासी समूह बन चुके हैं। ऑस्ट्रेलिया हर साल अपने स्थायी प्रवासन कार्यक्रम के तहत करीब 1.85 लाख सीटें जारी करता है, जिनमें से 70 फीसदी से ज्यादा सीटें स्किल्ड माइग्रेशन के लिए आरक्षित हैं। इनका बड़ा हिस्सा भारतीयों को मिलता है। ऑस्ट्रेलियाई पीआर एक ऐसा वीजा है जो व्यक्ति को वहां अनिश्चित समय तक रहने, नौकरी करने और पढ़ाई करने का अधिकार देता है। इसके बाद व्यक्ति पांच साल पूरे होने पर ऑस्ट्रेलियाई नागरिकता के लिए भी आवेदन कर सकता है। भारतीयों के बीच सबसे लोकप्रिय तीन रास्ते स्किल्ड इंडिपेंडेंट वीजा, स्किल्ड नॉमिनेटेड वीजा और रीजनल वीजा माने जाते हैं। स्किल्ड इंडिपेंडेंट वीजा सीधे पीआर देने वाला वीजा है, जिसमें किसी राज्य की स्पॉन्सरशिप की जरूरत नहीं होती। इसमें आवेदन से लेकर अंतिम मंजूरी तक आमतौर पर 1 से 3 साल लग सकते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक वहीं स्किल्ड नॉमिनेटेड वीजा राज्य सरकार की सिफारिश पर मिलता है और इसमें सामान्य तौर पर 1 से 2 साल का समय लगता है। रीजनल वीजा सबसे लंबी प्रक्रिया वाला विकल्प है, जिसमें पहले आवेदक को क्षेत्रीय इलाके में रहकर काम करना होता है और बाद में उसे स्थायी निवास मिलता है। इस पूरी प्रक्रिया में 3 से 5 साल तक लग सकते हैं। मौजूदा समय में ऑस्ट्रेलियाई सरकार हेल्थकेयर, टीचिंग, इंजीनियरिंग और कंस्ट्रक्शन सेक्टर से जुड़े लोगों को तेजी से पीआर दे रही है, जिन उम्मीदवारों का पॉइंट स्कोर 80 से 95 या उससे अधिक है, उन्हें जल्दी इनविटेशन मिलने की संभावना रहती है। दूसरी ओर आईटी और अकाउंटिंग क्षेत्रों में प्रतिस्पर्धा बढ़ने के कारण वहां के उम्मीदवारों को लंबा इंतजार करना पड़ सकता है। सिराज/ईएमएस 17 मई 2026