अंतर्राष्ट्रीय
17-May-2026
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बीजिंग (ईएमएस)। चीन में ‘होउचेंगजुई स्टोन सिटी’ नामक प्राचीन स्थल की खुदाई के दौरान लगभग 4500 साल पुराना एक विशाल शहर सामने आया है। यह शहर चीन के उत्तरी क्षेत्र इनर मंगोलिया में पुरातत्वविदों को खुदाई के दौरान मिला है। इस शहर की सबसे बड़ी खासियत इसका जटिल सुरक्षा तंत्र और जमीन के नीचे फैला सुरंगों का नेटवर्क है। पुरातत्वविदों का कहना है कि यह खोज प्राचीन सभ्यताओं की इंजीनियरिंग क्षमता और सैन्य रणनीति को समझने में बेहद अहम साबित हो सकती है। हुन नदी के किनारे स्थित यह प्राचीन शहर करीब 13.8 लाख वर्ग मीटर क्षेत्र में फैला हुआ है। अब तक की खुदाई में पता चला है कि यह केवल साधारण बस्ती नहीं थी, बल्कि एक मजबूत किलेबंद शहर था। यहां विशाल पत्थर की दीवारें, मजबूत प्रवेश द्वार, गहरी खाइयां और कई स्तरों वाली सुरक्षा व्यवस्था मौजूद थी। हालांकि असली रहस्य तब सामने आया जब पुरातत्वविदों ने जमीन के नीचे बनी गुप्त सुरंगों का पता लगाया। खुदाई में अब तक छह बड़ी सुरंगें मिली हैं, जो शहर के केंद्र से अलग-अलग दिशाओं में फैली हुई हैं। इन सुरंगों की बनावट किसी पहिए की तीलियों या मकड़ी के जाले जैसी दिखाई देती है। विशेषज्ञों का मानना है कि इनका इस्तेमाल केवल आवागमन के लिए नहीं, बल्कि युद्ध या हमले के समय रक्षा प्रणाली के रूप में किया जाता था। सुरंगें जमीन से लगभग डेढ़ मीटर से छह मीटर की गहराई पर बनाई गई हैं और उनकी ऊंचाई एक से दो मीटर तक है, जिससे लोग आसानी से अंदर चल-फिर सकें। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि हजारों साल बीत जाने के बाद भी ये सुरंगें काफी हद तक सुरक्षित बनी हुई हैं। सुरंगों की दीवारों पर आज भी उन औजारों के निशान साफ दिखाई देते हैं, जिनसे इन्हें तराशा गया था। पुरातत्व विशेषज्ञों के अनुसार यह उस समय की बेहद उन्नत निर्माण तकनीक का प्रमाण है। इस खोज ने इतिहासकारों और वैज्ञानिकों को भी हैरानी में डाल दिया है। उनका कहना है कि जिस दौर में आधुनिक मशीनें और तकनीक मौजूद नहीं थीं, उस समय इतनी योजनाबद्ध संरचना तैयार करना असाधारण उपलब्धि मानी जाएगी। सुरंगों की मेहराबदार छतें और उनकी मजबूत संरचना ‘लॉन्गशान संस्कृति’ की उन्नत वास्तुकला को दर्शाती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इन्हें साधारण कारीगरों ने नहीं, बल्कि उस समय के बेहद कुशल इंजीनियरों ने तैयार किया होगा। पुरातत्वविदों का अनुमान है कि यह शहर उस समय का कोई महत्वपूर्ण सैन्य केंद्र या सांस्कृतिक राजधानी रहा होगा। सुदामा/ईएमएस 17 मई 2026