अंतर्राष्ट्रीय
17-May-2026
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वॉशिंगटन(ईएमएस)। दुनिया का सबसे बड़ा और अत्याधुनिक अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर जेराल्ड आर. फोर्ड करीब एक साल तक समुद्र में रहने और कई बड़े सैन्य अभियानों को अंजाम देने के बाद आखिरकार अमेरिका वापस पहुंच गया है। शनिवार को इस विशाल युद्धपोत ने वर्जीनिया के नॉरफॉक पोर्ट पर लंगर डाला। यह वापसी केवल एक सैन्य अभियान का अंत नहीं है, बल्कि उन सैकड़ों परिवारों के लिए बेहद राहत का पल है जिनके प्रियजन इस तनावपूर्ण और ऐतिहासिक रूप से लंबे मिशन पर तैनात थे। रक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक, वियतनाम युद्ध के बाद से किसी भी अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर की यह अब तक की सबसे लंबी ऑपरेशनल तैनाती रही है। यह महाकाय युद्धपोत अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कई आक्रामक सैन्य रणनीतियों का मुख्य केंद्र रहा, जिसमें वेनेजुएला संकट और ईरान के साथ हुआ युद्ध जैसे बड़े ऑपरेशन शामिल थे। हालांकि, समय बीतने के साथ-साथ इस जहाज की लंबी तैनाती अमेरिका की सैन्य क्षमता पर सवाल भी खड़े करने लगी थी, जिसके चलते इसे वापस बुलाना पड़ा। जैसे ही यह युद्धपोत नॉरफॉक पोर्ट पर पहुंचा, वहां मौजूद परिवारों ने अपने आंसुओं और भावुक पोस्टरों के साथ सैनिकों का जोरदार स्वागत किया। इस ऐतिहासिक मौके पर अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ भी उपस्थित रहे। उन्होंने फोर्ड कैरियर स्ट्राइक ग्रुप के नाविकों की सराहना करते हुए उनके काम को असाधारण बताया। दरअसल, इतनी लंबी तैनाती के कारण सैनिकों में भारी शारीरिक और मानसिक थकान देखी जा रही थी। उनके परिवारों ने भी शिकायत की थी कि कई दिनों तक उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा था और जहाज पर रसद की भी किल्लत होने लगी थी। कुछ नाविकों ने तो अत्यधिक तनाव के कारण लौटते ही नौकरी छोड़ने की बात तक कह दी थी। आमतौर पर किसी भी एयरक्राफ्ट कैरियर को अधिकतम 7 महीने के लिए तैनात किया जाता है, लेकिन बदलती परिस्थितियों के कारण यह मिशन 11 महीने तक खिंच गया। शीर्ष नौसैनिक अधिकारियों ने भी माना कि भविष्य में इतनी लंबी तैनाती से बचना चाहिए। इस यात्रा के दौरान जहाज के भीतर कई तकनीकी खामियां भी उजागर हुईं, जिसमें टॉयलेट्स का खराब होना शामिल था। इसके अलावा, मार्च में ईरान युद्ध के दौरान इसके लॉन्ड्री एरिया में भीषण आग लग गई थी, जिसे बुझाने में करीब 30 घंटे का समय लगा और 600 से अधिक नाविकों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करना पड़ा था। लगभग 13 अरब डॉलर की भारी-भरकम लागत से बना यह युद्धपोत अमेरिकी रक्षा तंत्र की रीढ़ माना जाता है। वेनेजुएला और ईरान ऑपरेशन्स के दौरान इसी जहाज से फाइटर जेट्स लॉन्च किए गए थे। इस जहाज की सबसे बड़ी खासियत इसका एडवांस इलेक्ट्रॉनिक कैटापल्ट सिस्टम है, जो छोटे ड्रोनों से लेकर भारी लड़ाकू विमानों को भी आसानी से लॉन्च कर सकता है, जो सुविधा अमेरिका के बाकी पुराने 10 कैलियर्स में मौजूद नहीं है। पिछले साल जून में वर्जीनिया से रवाना होने के बाद इस जहाज ने अटलांटिक, भूमध्य सागर, नॉर्वे, कैरेबियन और अंत में मिडिल ईस्ट का सफर तय किया। अब 11 महीने के लंबे और चुनौतीपूर्ण सफर के बाद यह युद्धपोत अपने गृह देश लौट आया है। वीरेंद्र/ईएमएस/17मई 2026