ग्वालियर ( ईएमएस ) । कंपू थाना क्षेत्र के गुढ़ा-गुड़ी का नाका मुक्तिधाम पर रविवार को एक युवक अपनी लिव-इन पार्टनर के शव को अकेले ही अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाट लेकर पहुंच गया। युवक द्वारा अकेले एक महिला का अंतिम संस्कार का पता कंपू पुलिस को लगा तो पुलिस मौके पर पहुंची और अतिम संस्कार रुकवाकर मृतका का शव निगरानी में लेकर पीएम हाउस पहुंचाया और मृतका के पति और पिता को सूचना दी। पुलिस ने मर्ग कायम कर लिव इन पार्टनर को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है। मूल रूप से भिंड की रहने वाली मीनू की शादी वर्ष 2013 में रामानंद चौहान के साथ हुई थी। दोनों के दो बच्चे हैं। सब कुछ ठीक चल रहा था, लेकिन इसी बीच मीनू की मुलाकात भिंड के ही रहने वाले नर्सिंग कर्मी योगेश राठौर से हुई। दोस्ती प्यार में बदली और साल 2024 में मोनू अपने हंसते-खेलते परिवार, पति और दोनों मासूम बच्चों को छोड़कर प्रेमी योगेश के साथ भाग गई। इसके बाद दोनों दिल्ली में लिव-इन पार्टनर के रूप में रह रहे थे। रविवार को प्रेमी योगेश अचानक मीनू के शव को लेकर ग्वालियर के गुढ़ा-गुढी का नाका श्मशान घाट पहुंचा। वह अकेले ही अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहा था। बिना किसी रिश्तेदार या वहां मौजूद लोगों को शक हुआ। इसकी परिजनों के एक महिला का शव देखकर सूचना कंपू थाना प्रभारी अमर सिंह सिकरवार को दी। सूचना मिलते ही एसआई गुलाब सिंह, प्रधान आरक्षक योगेन्द्र जाट, आरक्षक सुरेश धाकड़ और पंजाब सिंह मौके पर पहुंचे। उस समय वह अंतिम क्रिया करने वाला था। पुलिस ने उसे रोका और अंतिम संस्कार रुकवाया। पुलिस ने योगेश से पूछताछ की तो उसका कहना था कि दो-तीन दिन से मीनू की तबियत खराब हो गई थी। इस पर पुलिस ने उसके दवा के पर्चे मांगे तो उसका कहना था कि वह घर पर खुद ही उसका उपचार कर रहा था। वहीं अंतिम संस्कार ग्वालियर में करने का कारण पूछने पर उसका कहना था कि वहां पर वह अकेला था और इससे पुलिस को उस पर शंका हुई, क्योंकि वह यहां पर भी अकेले ही बिना किसी को बताए अंतिम संस्कार कर रहा था। इसके बाद शव को पीएम हाउस पहुंचाकर योगेश को निगरानी में लेकर थाने पहुंचा दिया है। मामले का पता चलते ही, मृतका के पिता शीतल सिंह भदौरिया व पति रामानंद चौहान ग्वालियर पहुंचे और मर्ग कायम कराया है।