क्षेत्रीय
18-May-2026


-अतीक अहमद के साथ तस्वीरों से चर्चा में आये दबंग भाइयों पर डीएम का शिकंजा -करोड़ों की नजूल जमीन पर बुलडोजर कार्रवाई की आहट! सीतापुर (ईएमएस)। सीतापुर में वर्षों से दबंगई, रसूख और कथित अवैध कब्जों के दम पर खड़ा हुआ “ब्रदर्स साम्राज्य” अब प्रशासन के रडार पर आ चुका है। शहर में लंबे समय से जिन भाइयों के नाम का खौफ और रसूख चर्चा का विषय रहा, अब उन्हीं पर जिला प्रशासन ने सबसे बड़ा वार कर दिया है। माफिया अतीक अहमद के साथ सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों और जमीन कारोबार से जुड़े चर्चित रिश्तों को लेकर पहले से सुर्खियों में रहे इन दबंग भाइयों के खिलाफ अब सरकारी मशीनरी खुलकर मैदान में उतर आई है। सूत्रों और स्थानीय चर्चाओं के मुताबिक, इन भाइयों ने कथित तौर पर वर्षों तक दबंगई और राजनीतिक-सामाजिक रसूख के दम पर सीतापुर में जमीनों का बड़ा नेटवर्क खड़ा किया। शहर के कई इलाकों में इनके प्रभाव और कब्जों की चर्चा आम रही। लेकिन अब डीएम राजागणपति आर. के सख्त तेवरों ने पूरे खेल की तस्वीर बदलनी शुरू कर दी है। छावनी कदीम, खैराबाद स्थित करोड़ों रुपये कीमत की नजूल भूमि को लेकर जिलाधिकारी न्यायालय से जारी सार्वजनिक नोटिस ने भू-माफिया नेटवर्क में हड़कंप मचा दिया है। प्रशासन ने साफ कहा है कि नजूल भूखण्ड संख्या 1692, 1693/1 और 1693/2 मूल रूप से सरकारी संपत्ति हैं और इन पर वर्षों से नियमों के विपरीत कब्जा और निर्माण किये गये। जांच में सामने आया कि जिन जमीनों को कभी बाग, तालाब और सार्वजनिक उपयोग के लिये पट्टे पर दिया गया था, वहां अब अवैध निर्माणों का जाल बिछ चुका है। इतना ही नहीं, वर्ष 2006 में हुए कथित बैनामों को भी प्रशासन ने नियमों के विपरीत मानते हुए कठघरे में खड़ा कर दिया है। डीएम कोर्ट के नोटिस में साफ संकेत है कि अब न सिर्फ पट्टे निरस्त किये जाएंगे, बल्कि पूरी जमीन को सरकार अपने कब्जे में लेकर वहां वेंडिंग जोन और जनहित परियोजनाएं विकसित करेगी। प्रशासन ने यह भी साफ कर दिया है कि अवैध कब्जे और निर्माण हटाने की कार्रवाई बिना किसी क्षतिपूर्ति के की जा सकती है। शहर में चर्चा है कि यह कार्रवाई सिर्फ शुरुआत है। प्रशासन धीरे-धीरे उन तमाम संपत्तियों और कब्जों का रिकॉर्ड खंगाल रहा है, जिन्हें वर्षों तक रसूख और दबंगई के दम पर बचाया जाता रहा। डीएम राजागणपति के सख्त रवैये ने साफ संकेत दे दिया है कि अब “सरकारी जमीन पर साम्राज्य” चलाने वालों की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। सीतापुर में अब सत्ता नहीं, कानून का बुलडोजर चल रहा है। जिन लोगों ने वर्षों तक दबंगई को अपनी ताकत समझकर सरकारी जमीनों पर कब्जे का साम्राज्य खड़ा किया, अब उन्हीं की नींव प्रशासन हिला रहा है। डीएम राजागणपति का संदेश बिल्कुल साफ है — चाहे रसूख कितना भी बड़ा हो, सरकारी जमीन पर कब्जे का हिसाब अब हर हाल में होगा… और अगला नंबर किसका होगा, यही सवाल पूरे शहर में गूंज रहा है। आलोक कुमार बाजपेयी सीतापुर (उ. प्र.) 18-05-2026