-हरित ऊर्जा, एआई, निवेश और वैश्विक सुरक्षा जैसे मुद्दों पर होगी अहम चर्चा ओस्लो,(ईएमएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नॉर्वे दौरे का मंगलवार को दूसरा और सबसे अहम दिन है। पीएम मोदी ओस्लो में आयोजित तीसरे इंडिया-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे, जहां वह नॉर्वे, डेनमार्क, फिनलैंड, आइसलैंड और स्वीडन के प्रधानमंत्रियों के साथ भारत और नॉर्डिक देशों के रिश्तों को नई दिशा देने पर मंथन करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी की यह पहली नॉर्वे यात्रा है, जिसे भारत-नॉर्डिक संबंधों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह सम्मेलन ऐसे समय आयोजित हो रहा है जब भारत और नॉर्डिक देशों के बीच व्यापार, तकनीक, हरित ऊर्जा और निवेश के क्षेत्रों में तेजी से सहयोग बढ़ रहा है। इससे पहले मई 2022 में डेनमार्क की राजधानी कोपेनहेगन में दूसरा इंडिया-नॉर्डिक समिट आयोजित हुआ था। ओस्लो में होने वाला यह सम्मेलन दोनों पक्षों के बीच हुए समझौतों और साझेदारी की प्रगति की समीक्षा का बड़ा मंच माना जा रहा है। तकनीक और ग्रीन एनर्जी पर रहेगा फोकस नॉर्डिक देश तकनीक, इनोवेशन, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, स्वच्छ ऊर्जा और टिकाऊ विकास के वैश्विक मॉडल माने जाते हैं। भारत इन देशों की तकनीकी विशेषज्ञता और निवेश क्षमता को अपने विकास कार्यक्रमों से जोड़ने की रणनीति पर काम कर रहा है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, शिखर सम्मेलन में जलवायु परिवर्तन, ग्रीन ट्रांजिशन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ब्लू इकॉनमी, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, सप्लाई चेन और वैश्विक सुरक्षा जैसे अहम मुद्दों पर व्यापक चर्चा होगी। भारत-नॉर्डिक व्यापार लगातार बढ़ा भारत और नॉर्डिक देशों के बीच आर्थिक संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं। दोनों पक्षों के बीच वस्तुओं और सेवाओं का द्विपक्षीय व्यापार करीब 19 अरब डॉलर तक पहुंच चुका है। वर्तमान में लगभग 700 नॉर्डिक कंपनियां भारत में सक्रिय हैं, जबकि करीब 150 भारतीय कंपनियां नॉर्डिक देशों में कारोबार कर रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह शिखर सम्मेलन भारत और नॉर्डिक देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के साथ-साथ नई निवेश संभावनाओं के द्वार भी खोलेगा। हिदायत/ईएमएस 19मई26