लेख
20-May-2026
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देवभूमि हिमाचल प्रदेश की धौलाधार पर्वतीय श्रृंखला की तराई में बसे एक छोटे से गांव पुन्नर में हाल ही में मीडिया मनीषियों द्वारा विश्व में शांति और सद्भावना की स्थापना को लेकर गहन चिंतन किया गया। सभी ने एक स्वर में विश्व में शांति व सद्भाव की पुनर्स्थापना का संकल्प लिया। अवसर था प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के मीडिया विंग द्वारा आयोजित मीडिया सेमिनार का। जिसमें देशभर से आये ब्रह्माकुमारीज़ मीडिया विंग के सदस्यों के साथ कांगड़ा के पत्रकारों ने सहभागिता की थी। मूल्य आधारित पत्रकारिता ही लक्ष्य- शांतनु भाई माउंट आबू राजस्थान से आए ब्रह्माकुमारीज़ के मीडिया विंग के राष्ट्रीय समन्वयक ब्रह्माकुमार डॉ शांतनु भाई ने कि ब्रह्माकुमारीज़ विश्व की एकमात्र संस्था है,जिसका नेतृत्व महिलाएं करती है। उन्होंने कहा कि देश और समाज को मिलाकर मीडिया ही चल सकता है। चूंकि मीडिया लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ है। इसे खबर पालिका भी कहा जाता है। मीडिया समाज को दिशा देती है व दशा भी बदल सकती है।लेकिन इसके लिए पत्रकारों का नैतिक उत्थान जरूरी है। स्वयं को मूल्यनिष्ठ बनाएं-डॉ प्रो मानसिंह परमार इंदौर से पधारे कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता व जनसंचार विश्वविद्यालय रायपुर के पूर्व कुलपति डॉ प्रो मानसिंह परमार ने कहा कि मीडिया केवल सूचना देने का काम नहीं करता बल्कि एक दृष्टिकोण देता है। मीडिया एक उत्प्रेक कि भूमिका निभाता है। शांति की स्थापना में मीडिया महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। मीडिया ने स्वतंत्रता आंदोलन में, स्वतंत्र भारत के विकास में अपनी भूमिका को सार्थक किया है। आज समाचार पत्रों के प्रथम पृष्ठ पर अपराध और नकारात्मक खबरों से पटे रहते हैं।इन सबके बजाए हम सकारात्मक पत्रकारिता, मूल्यनिष्ठ पत्रकारिता को महत्व दें। शांति लेने की नहीं, देने की वस्तु है- डीआईजी खुशहाल शर्मा पुलिस के डीआईजी खुशहाल शर्मा ने कहा कि संसार में हम अशांति की आंधी से गुजर रहे हैं, इसे दूर करने में पत्रकारिता की महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है। पत्रकारिता के सामने अपनी चुनौतियां हैं। इसलिए पत्रकारों को सपोर्ट करने की आवश्यकता है। पत्रकार हमारे नाक कान हैं, वे हमें अलर्ट करते रहें। उन्होंने स्वरचित कविता शांति की खोज सुनाकर सबकी वाह वाही भी बटोरी। मीडिया में पारदर्शिता हो-डॉ डी डी मित्तल देहरादून से पधारे डॉ डी डी मित्तल ने कहा कि मीडिया समाज का आईना भी है। इसलिए हमें सबसे पहले स्व-परिवर्तन करना होगा। मीडिया सकरात्मक व संतुलित पत्रकारिता करे। हालांकि वर्तमान में प्रिंट मीडिया की विश्वसनीयता में कमी आयी है। अपने आचरण से पत्रकारिता की विश्वसनीयता सुदृढ करें-प्रियंका कौशल रायपुर से आईं प्रियंका कौशल ने कहा कि हमें अपने आचरण को इतना शुद्ध बनाना होगा कि समाज हम पर विश्वास व्यक्त कर सके। उन्होंने कहा कि बुद्धि के देवता गणेश जी से हमें शिक्षा लेनी चाहिए कि कैसे सब कुछ सुनते हुए भी उसे अपने उदर में समाने की क्षमता विकसित करें। समाज को वही दें, जो उसके लिए हितकारी हो। हम खबर तो कर रहे हैं, पर फॉलो अप नहीं कर रहे हैं-संजीव बाघला यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट पालमपुर के अध्यक्ष संजीव बाघला ने कहा कि हमें नकारात्मक व सकारात्मक दोनों ही तरह की खबरें लिखनी पड़ती है। हम खबर तो कर रहे हैं, पर फॉलो अप नहीं कर रहे हैं, यहीं से खबर का एक ही पक्ष सामने आता है। हम निष्पक्ष, निडर, निर्भीक रहें-मधुकर द्विवेदी छत्तीसगढ़ में रायपुर से आए मधुकर द्विवेदी ने कहा कि हम पत्रकारों को नारद जी का वंशज कहा जाता है। फर्क इतना है कि वे सतयुग के नारद थे, हम कलयुग के नारद है। लेकिन लक्ष्य वही लोकमंगल का है। नारद जी चारों लोकों का भ्रमण करते थे, लोक कल्याण के लिए। जिला स्तर के पत्रकार भारतीय पत्रकारिता की आत्मा है। जनता की, हमसे बहुत अपेक्षा है कि हम निष्पक्ष, निडर, निर्भीक रहें। भगवान ने निमंत्रण देकर बुलाया है-बीके सरला दीदी हैदराबाद से पधारीं ब्रह्माकुमारीज मीडिया विंग की उपाध्यक्ष बीके सरला ने कहा कि भगवान ने निमंत्रण देकर बुलाया है। मीडिया हरेक व्यक्ति से जुड़ा हुआ है। लोग आपसे प्रेम करते हैं। इसलिए आप जो परोसते हैं, वे स्वीकार करते हैं। आप भगवान के बहुत प्रिय है। भगवान के पास सत्य समाचार है। समस्याओं का समाधान भगवान के पास है। भगवान आप पत्रकारों की मदद चाहते हैं। आप भगवान के प्रतिनिधि बन गए हैं, तो सत्य समाचार को प्राथमिकता दें। राजयोग के अभ्यास से की शांति की अनुभूति दिल्ली से पधारी वरिष्ठ राजयोगी शिक्षिका ब्रह्माकुमारी सुनीता दीदी ने राजयोग की शक्तिशाली अनुभूति करवाई। कुछ क्षणों के मेडिटेशन अभ्यास से पत्रकार बन्धुओं को शांति की अनुभूति सुखद एहसास हुआ।जबकि मीडिया विंग छत्तीसगढ़ की स्टेट कॉर्डिनेटर बीके मंजू दीदी ने सेमिनार का सशक्त संचालन किया। कैलाश मानसरोवर के इंचार्ज बीके तिलकराज भाई ने माना कि हिमाचल की मीडिया हमेशा सकरात्मक मन से कार्य करते हैं। आज इस ईश्वरीय विश्वविद्यालय के प्रांगण में मीडिया के चरण पड़े। जिस पर परमात्मा की कृपा होती है, वही यहाँ पहुंचते हैं।मीडिया प्रतिनिधियों को चंडीगढ़ से पधारी राजयोगिनी पूनम दीदी ने ईश्वरीय सौगात देकर उन्हें सम्मानित भी किया।(लेखक ब्रह्माकुमारीज मीडियाविंग के राज्य समन्वयक है) ईएमएस / 20 मई 26