राज्य
20-May-2026
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- बिना मुआवजा दिए घर ढहाने पर बिफरे जज, 4 हफ्ते में मांगा जवाब - फैसले से पीड़ित परिवार को मिली बड़ी राहत रांची (ईएमएस)। झारखंड हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण मामले में सुनवाई करते हुए बिना जमीन अधिग्रहण किए मकान और दुकान ध्वस्त करने की राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की कार्रवाई पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है। यह आदेश जस्टिस संजय प्रसाद की अदालत ने ननकी देवी व अन्य द्वारा दाखिल याचिका पर सुनवाई के बाद जारी किया। इसके साथ ही कोर्ट ने इस मामले में राज्य सरकार और एनएचएआई से जवाब तलब किया है। मामले की अगली सुनवाई अब चार सप्ताह बाद निर्धारित की गई है। अदालत में सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ता सौरभ शेखर ने दलील दी कि प्रार्थी का मकान और दुकान हजारीबाग जिले के बरकट्ठा थाना क्षेत्र में स्थित है। यह इलाका नेशनल हाईवे-2 के निर्माण क्षेत्र के अंतर्गत आता है। उन्होंने कोर्ट को बताया कि प्रशासन और एनएचएआई ने उनकी जमीन का वैधानिक रूप से अधिग्रहण नहीं किया है और न ही अब तक उन्हें किसी प्रकार का मुआवजा दिया गया है। इसके बावजूद रविवार को एनएचएआई की टीम बिना किसी पूर्व नोटिस के बुलडोजर लेकर प्रार्थी का मकान और दुकान ढहाने पहुंच गई थी। उस वक्त स्थानीय लोगों और परिजनों के भारी विरोध के कारण इस कार्रवाई को अस्थायी रूप से टाल दिया गया था। याचिकाकर्ताओं ने अदालत से गुहार लगाई कि उन्हें उचित मुआवजा मिलने तक इस ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर पूरी तरह रोक लगाई जाए, क्योंकि उन्हें डर है कि विभाग कभी भी उनके आशियाने को जमींदोज कर सकता है। हाई कोर्ट ने प्रार्थी के पक्ष को न्यायसंगत मानते हुए एनएचएआई की कार्रवाई पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी। इस फैसले से पीड़ित परिवार को बड़ी राहत मिली है। रामयश/ईएमएस 20 मई 2026