चेन्नई,(ईएमएस)। तमिलनाडु में मुख्यमंत्री थलपति विजय की सरकार कैबिनेट विस्तार को लेकर एक नई चुनौती का सामना कर रही है। वामपंथी दल मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीएम) ने धमकी दी है कि यदि अन्नाद्रमुक के बागी विधायकों को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया, तब वहां अपना समर्थन वापस ले लेगी। इसके जवाब में, पीडब्ल्यूडी मंत्री आधव अर्जुना ने इन अटकलों को पूरी तरह खारिज किया, जिसमें दावा किया जा रहा था कि विजय सरकार में अन्नाद्रमुक के बागी विधायकों को जगह मिल सकती है। खेल मंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे अर्जुना ने प्रेसवार्ता कर स्थिति स्पष्ट की। अर्जुना ने साफ किया कि सीवी शनमुगम के नेतृत्व वाले अन्नाद्रमुक के बागी विधायकों ने लोकतंत्र को बचाने और ईपीएस की गलत नीतियों के विरोध में टीवीके सरकार को समर्थन दिया है, न कि सत्ता या मंत्री पद के लिए ऐसा किया है। इसी दौरान, अर्जुना ने सरकार में शामिल अपने सहयोगी दलों सीपीआई, सीपीएम, थोल थिरुमावलवन की वीसीके (वीसीके) और आईयूएमएल (आईयूएमएल) को कैबिनेट में सीधे शामिल होने का खुला निमंत्रण दिया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विजय का यह सपना और इच्छा है कि सहयोगी दलों को मंत्रिमंडल में शामिल कर सत्ता साझा की जाए। अर्जुना ने पुष्टि की कि गठबंधन की सबसे बड़ी सहयोगी कांग्रेस जल्द ही कैबिनेट विस्तार के तहत सरकार में शामिल होगी। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री विजय ने तमिलनाडु में कांग्रेस, वीसीके, सीपीआई, सीपीएम और मुस्लिम लीग के साथ मिलकर सरकार बनाई है। हालांकि, बीते हफ्ते हुए बहुमत परीक्षण के दौरान अन्नाद्रमुक के प्रमुख एडप्पादी के.पलानीस्वामी (ईपीएस) के खिलाफ जाकर पार्टी के 25 बागी विधायकों ने विजय सरकार के पक्ष में मतदान किया था। इसी घटना के बाद राजनीतिक गलियारों में अफवाह फैल गई थी कि इन 25 बागी विधायकों को खुश करने के लिए आगामी कैबिनेट विस्तार में मंत्री पद दिया जा सकता है। इस खबर से वामपंथी दल मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीएम) नाराज हो गई थी और उसने साफ शब्दों में चेतावनी दी थी। सीपीएम के सचिव पी. शन्मुगम ने कहा था कि अगर अन्नाद्रमुक के किसी भी धड़े या दक्षिणपंथी झुकाव वाले नेताओं को सरकार का हिस्सा बनाया गया, तब पार्टी अपने समर्थन पर पुनर्विचार कर सकती है। सीपीएम ने टीवीके को दी गठबंधन तोड़ने की चेतावनी तमिलनाडु की राजनीति में अभिनेता विजय की पार्टी तमिलगा वेट्री कड़गम को बड़ा सियासी झटका लग सकता है। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने साफ चेतावनी दी है कि यदि टीवीके अपने गठबंधन में एआईएडीएमके के किसी भी गुट को शामिल करती है, तब सीपीएम अपने समर्थन पर पुनर्विचार करेगी। पार्टी ने जनता के जनादेश और साफ-सुथरे शासन के खिलाफ बताया है। सीपीएम नेताओं का कहना है कि तमिलनाडु की जनता ने चुनाव में डीएमके और एआईएडीएमके दोनों के खिलाफ जनादेश दिया है। इसके बाद एआईएडीएमके को सरकार या गठबंधन में शामिल करना जनता की भावना के विपरीत होगा। हालांकि सीपीएम ने स्पष्ट किया कि फिलहाल वह राजनीतिक स्थिरता बनाए रखने और बीजेपी को सत्ता से दूर रखने की रणनीति के तहत टीवीके का समर्थन कर रही है। पार्टी का कहना है कि अगर राज्य में राजनीतिक अस्थिरता बढ़ती है, तो बीजेपी ‘गवर्नर रूल’ के जरिए पीछे के रास्ते से सत्ता में आने की कोशिश कर सकती है। सीपीएम के इस बयान के बाद तमिलनाडु की सियासत में हलचल तेज हो गई है। अब सभी की नजर विजय और उनकी पार्टी टीवीके पर टिकी है कि वह एआईएडीएमके को लेकर आगे क्या फैसला लेती है। आशीष दुबे / 20 मई 2026