राज्य
21-May-2026


मुंबई, (ईएमएस)। महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़ा सियासी भूचाल देखने को मिल रहा है। चर्चा है कि एनसीपी अजित पवार गुट के करीब 22 विधायक शरद पवार के संपर्क में हैं। इसी मुद्दे को लेकर मुंबई के वाय.बी. चव्हाण सेंटर में कल राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार गुट) की अहम बैठक हुई, जिसमें राजनीतिक रणनीति के साथ-साथ पार्टी के भविष्य को लेकर भी विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में पार्टी विधायकों ने नेतृत्व के सामने यह चिंता जताई कि पार्टी के विलय की खबरों से कार्यकर्ताओं के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है। हालांकि, सांसद सुप्रिया सुले और प्रदेश अध्यक्ष जयंत पाटिल ने साफ किया कि फिलहाल किसी भी तरह के विलय पर कोई चर्चा नहीं चल रही है। उन्होंने कहा कि पार्टी को अपने दम पर मजबूत करना ही उनका मुख्य लक्ष्य है। दूसरी ओर, अजित पवार गुट में बढ़ती नाराजगी भी चर्चा का केंद्र बनी रही। सूत्रों के मुताबिक, सत्ताधारी गुट के कई विधायक पिछले कुछ दिनों से शरद पवार के संपर्क में हैं और सही समय का इंतजार कर रहे हैं। वहीं, सुनील तटकरे और प्रफुल पटेल की शरद पवार से हुई कथित गुप्त मुलाकात के बाद अजित पवार गुट में असंतोष और बढ़ गया है। हालांकि, शरद पवार ने इस पूरे मामले पर सीधे तौर पर कोई टिप्पणी नहीं की, लेकिन उनकी चुप्पी को एक बड़ी राजनीतिक रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। बैठक में केवल राजनीतिक समीकरणों पर ही नहीं, बल्कि जनता से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। बढ़ती महंगाई, ईंधन की कीमतों में वृद्धि और नीट परीक्षा पेपर लीक मामले को लेकर पार्टी जल्द ही सरकार के खिलाफ आक्रामक आंदोलन शुरू कर सकती है। छात्रों और युवाओं तक पहुंच बढ़ाने के लिए विशेष अभियान चलाने की भी तैयारी की जा रही है। कुल मिलाकर, शरद पवार एक तरफ अपने गुट को मजबूत और एकजुट रखने की कोशिश कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ अजित पवार खेमे में बड़ी सेंध लगाने के संकेत भी मिल रहे हैं। संजय/संतोष झा- २१ मई/२०२६/ईएमएस