राज्य
21-May-2026


मधुबनी, (ईएमएस)। गुरुवार सुबह बिहार के मधुबनी जिले के खजौली स्टेशन के पास एक बड़ा रेल हादसा होते-होते टल गया। दरअसल जयनगर से पटना जा रही ट्रेन संख्या 15549 इंटरसिटी एक्सप्रेस उस समय अचानक रोकनी पड़ी, जब एक बाइक चालक तेजी से रेलवे ट्रैक पार करने लगा। लोको पायलट की सतर्कता और समय पर लगाए गए इमरजेंसी ब्रेक की वजह से सैकड़ों यात्रियों की जान बच गई। जानकारी के अनुसार, घटना खजौली थाना क्षेत्र स्थित रेलवे गुमटी संख्या-22 के पास हुई। छोटी राही गांव का एक युवक बाइक से बड़ी राही गांव की ओर जा रहा था। इसी दौरान उसने जल्दबाजी में रेलवे ट्रैक पार करने की कोशिश की। तभी जयनगर से पटना की ओर तेज रफ्तार में इंटरसिटी एक्सप्रेस पहुंच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, ट्रेन को करीब आते देख बाइक चालक घबरा गया और बाइक मोड़ने का प्रयास करने लगा। इसी बीच लोको पायलट सुशील कुमार और सहायक चालक दिपेश कुमार की नजर ट्रैक पर पड़े खतरे पर पड़ी। दोनों ने तुरंत इमरजेंसी ब्रेक लगाया, जिससे ट्रेन की रफ्तार कम हो गई। हालांकि बाइक ट्रेन के इंजन के अगले हिस्से में फंस गई। राहत की बात यह रही कि बाइक चालक समय रहते अपनी जान बचाकर मौके से फरार हो गया। घटना के बाद यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई और लोग खिड़कियों से बाहर झांककर हालात जानने लगे। रेलवे कर्मचारियों और स्थानीय लोगों की मदद से इंजन में फंसी बाइक को बाहर निकाला गया। इस पूरी प्रक्रिया में करीब 15 मिनट तक ट्रेन मौके पर खड़ी रही। बाद में तकनीकी जांच के बाद इंटरसिटी एक्सप्रेस को पटना के लिए रवाना कर दिया गया। उधर घटना की सूचना मिलते ही जयनगर आरपीएफ की टीम मौके पर पहुंची। आरपीएफ के एएसआई राज कुमार सिंह ने टीम के साथ घटनास्थल का निरीक्षण किया और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस बाइक चालक की पहचान करने में जुटी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रेलवे गुमटी के आसपास अक्सर लोग जल्दबाजी में नियमों की अनदेखी कर ट्रैक पार करते हैं। कई बार चेतावनी और बंद फाटक के बावजूद लोग पटरी पार करने की कोशिश करते हैं, जिससे बड़े हादसे का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों ने रेलवे प्रशासन से इलाके में सुरक्षा और निगरानी बढ़ाने की मांग की है। रेलवे प्रशासन ने घटना के बाद लोगों से अपील की है कि रेलवे ट्रैक पार करते समय पूरी सतर्कता बरतें और केवल निर्धारित रेलवे फाटक का ही इस्तेमाल करें। अधिकारियों ने कहा कि कुछ सेकेंड की लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है। कार्तिक कुमार/संतोष झा- २१ मई/२०२६/ईएमएस