धमतरी(ईएमएस)। जिले में लगातार गिरते भूजल स्तर को देखते हुए अब ग्राम पंचायत स्तर पर कुओं के जलस्तर की विस्तृत निगरानी की जाएगी। इसके लिए 25 मई से 15 जून तक ‘जलदूत मोबाइल ऐप’ के माध्यम से डेटा संग्रह अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के तहत ग्राम पंचायतों में स्थित खुले कुओं का जलस्तर मापा जाएगा और उसका रिकॉर्ड डिजिटल रूप से दर्ज किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य जिले में भूजल की वास्तविक स्थिति का आकलन करना और जल संरक्षण तथा जल प्रबंधन योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाना है। यह पहल ग्रामीण विकास मंत्रालय की गाइडलाइन के अनुसार की जा रही है, जिसमें भूजल स्तर मापन की प्रक्रिया को पूरी तरह वैज्ञानिक और एकरूप बनाने पर जोर दिया गया है। इसके लिए केवल मेजरिंग टेप का उपयोग अनिवार्य किया गया है। अभियान के दौरान सूखे कुओं को भी डेटा संग्रह में शामिल किया जाएगा। ऐसे मामलों में जल स्तर के स्थान पर कुएं की कुल गहराई दर्ज की जाएगी। मंत्रालय ने प्री-मानसून 2026 के लिए ‘कुएं की कुल गहराई’ नामक नया पैरामीटर भी ‘जलदूत ऐप’ में जोड़ा है, जिससे भूजल संरचना और जल उपलब्धता का अधिक विस्तृत विश्लेषण संभव हो सकेगा। अधिकारियों के अनुसार, बारिश से पहले और बारिश के बाद दो बार कुओं का आकलन किया जाएगा, ताकि जल स्तर में होने वाले बदलावों का सटीक अध्ययन किया जा सके। सत्यप्रकाश(ईएमएस)21 मई 2026