-रक्षा विशेषज्ञ डॉ. चेलानी का दावा नई दिल्ली,(ईएमएस)। रक्षा विशेषज्ञ डॉ. ब्रह्मा चेलानी ने अमेरिकी राजनीति और वैश्विक भू-राजनीति पर चौंकाने वाला दावा हुआ है। इसके अनुसार, ईरान युद्ध में अपनी करारी हार से उपजे आर्थिक प्रभावों और धूमिल हुई तानाशाही छवि को पुनः मजबूत करने के लिए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अब क्यूबा में वेनेजुएला जैसी सत्ता परिवर्तन की रणनीति पर काम कर रहे हैं। 94 वर्षीय क्यूबा के पूर्व राष्ट्रपति राउल कास्त्रो पर लगे अभियोग नई रणनीति का हिस्सा माने जा रहे हैं। रक्षा विशेषज्ञ डॉ. चेलानी ने बताया कि जनवरी के अंत से क्यूबा की नौसैनिक नाकाबंदी ने वहां पहले से ही गंभीर मानवीय संकट पैदा किया है, इससे द्वीप के करीब एक करोड़ लोगों में भुखमरी फैल रही है। उनका आरोप है कि दुनिया इस भयावह स्थिति से आंखें फेर रही है, इससे यह संकट और गहरा सकता है। अमेरिका और क्यूबा के बीच बढ़ते तनाव के पीछे कई कारण हैं। अमेरिका ने क्यूबा जाने वाले तेल टैंकरों पर प्रतिबंध लगा दिया है, जिससे वहां भीषण ऊर्जा संकट पैदा हो गया है। इसके अतिरिक्त, फ्लोरिडा की एक ग्रैंड जूरी ने 1996 में दो अमेरिकी नागरिक विमानों को मार गिराने के आरोप में राउल कास्त्रो पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर दिया है। कैरेबियन सागर में अमेरिकी युद्धपोतों की लगातार मौजूदगी और ड्रोन निगरानी ने दोनों देशों के बीच सैन्य संघर्ष की आशंकाओं को बढ़ाया है। इस बीच, डॉ. चेलानी ने अन्य महत्वपूर्ण दावे में कहा कि अमेरिका अब चीन को एक प्रतिद्वंद्वी चुनौती के रूप में नहीं, बल्कि एक समकक्ष महाशक्ति के रूप में देखता है, जिसके सहयोग की तत्काल आवश्यकता है। यह बदलाव जापान जैसे देशों के लिए गहरी चिंता का विषय है, जो अब केवल बढ़ते चीन से ही नहीं, बल्कि उससे टकराव करने में कम इच्छुक होते अमेरिका से भी भयभीत हैं। यह दिखाता है कि वैश्विक शक्ति संतुलन में बड़े बदलाव आ रहे हैं और अमेरिका अपनी विदेश नीति में नए समीकरण तलाश रहा है। आशीष दुबे / 21 मई 2026