बीजिंग,(ईएमएस)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चीन यात्रा के खत्म होते ही बीजिंग ने सेमीकंडक्टर क्षेत्र में एक बड़ा दांव चल दिया है। अमेरिकी व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल के साथ राष्ट्रपति ट्रंप के हाई-प्रोफाइल बीजिंग दौरे के कुछ ही घंटों बाद चीन ने टेक दिग्गज कंपनी एनवीडिया की लोकप्रिय गेमिंग चिप आरटीएक्स 5090डी वी2 पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। गौर करने वाली बात यह है कि यह वही चीन-फ्रेंडली चिप थी, जिसे विशेष रूप से अमेरिकी सरकार के कड़े एक्सपोर्ट प्रतिबंधों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया था ताकि इसे चीनी बाजारों में बेचा जा सके। लेकिन अब चीन ने खुद इस पर ब्रेक लगा दिया है। यह अप्रत्याशित फैसला ट्रंप की राजकीय यात्रा (स्टेट विजिट) समाप्त होने के तुरंत बाद आया, जिसके दौरान उन्होंने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की थी। इस दौरे में ट्रंप के साथ एनवीडिया के सीईओ जेनसन हुआंग समेत अमेरिका के कई बड़े कॉर्पोरेट दिग्गज भी शामिल थे। वास्तव में आरटीएक्स 5090डी वी2 एनवीडिया के फ्लैगशिप मॉडल आरटीएक्स 5090 का एक संशोधित (मॉडिफाइड) वर्जन है। इसे अमेरिकी एक्सपोर्ट नियमों के दायरे में रखने के लिए कम मेमोरी और कम बैंडविड्थ के साथ डिजाइन किया गया था ताकि चीन के गेमर्स और डिजिटल क्रिएटर्स तक इसकी पहुंच बनाई जा सके। लेकिन जानकारों के मुताबिक, यह मामला केवल गेमिंग तक सीमित नहीं था। इस चिप का उपयोग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस डेवलपमेंट में भी गुपचुप तरीके से किया जा रहा था क्योंकि इसमें एनवीडिया की अत्याधुनिक ब्लैकवेल आर्किटेक्चर तकनीक शामिल थी। अब चीन ने इस चिप को पूरी तरह से ब्लैकलिस्ट कर दिया है। एनवीडिया के खिलाफ चीन का यह सख्त कदम ऐसे समय में आया है जब वह पहले से ही कंपनी के सबसे एडवांस एआई प्रोसेसर्स, जैसे एच200 की घरेलू खरीद पर कड़ाई बरत रहा है। वॉशिंगटन की ओर से सीमित मंजूरी मिलने के बावजूद चीन में इन चिप्स की कूटनीतिक और व्यापारिक पहुंच अटकी हुई है। एनवीडिया पर इस पाबंदी के बीच चीन की प्रमुख घरेलू टेक दिग्गज कंपनी अलीबाबा ने बाजार में अपना नया एआई चिप झेनवू एम890 लॉन्च कर दिया है। कंपनी का दावा है कि यह नया चिप उसके पुराने मॉडलों की तुलना में तीन गुना बेहतर परफॉर्मेंस देता है।विश्लेषकों का मानना है कि अलीबाबा के इस नए चिप की लॉन्चिंग की टाइमिंग बेहद रणनीतिक है। इसे ऐसे समय पेश किया गया है जब देश में अमेरिकी चिप निर्माता कंपनियों को लेकर अनिश्चितता का माहौल है। अलीबाबा की झेनवू सीरीज के 5 लाख 60 हजार से ज्यादा चिप्स पहले ही चीनी बाजारों में भेजे जा चुके हैं। इस पूरे घटनाक्रम से यह साफ संकेत मिल रहा है कि चीन अब अमेरिकी सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजी पर अपनी निर्भरता को पूरी तरह से खत्म करने की राह पर आगे बढ़ चुका है। वीरेंद्र/ईएमएस 22 मई 2026