अंतर्राष्ट्रीय
23-May-2026
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ग्रीनकार्ड धारकों को अमेरिका में प्रतिबंधों से मिलती है छूट, कोरोना में मिली थी वॉशिंगटन,(ईएमएस)। कांगो और युगांडा में फैला इबोला वायरस का खौफ अब अमेरिका में भी पहुंच गया है। अमेरिका ने उन ग्रीन कार्ड होल्डर के देश में प्रवेश पर रोक लगा दी है, जो पिछले 21 दिनों में कांगो, युगांडा और सूडान में हैं। इसके पीछे इबोला को लेकर चिंताओं का हवाला दिया गया है। इसके पहले अमेरिकी नागरिकों और ग्रीन कार्ड धारकों को 30 दिनों के इबोला प्रतिबंध से छूट दी गई थी, लेकिन अब ग्रीन कार्ड धारकों को भी इसमें शामिल कर लिया गया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका के सेंट्रल फॉर डिसीज कंट्रोल ने कहा है कि वायरस को देश में प्रवेश से रोकने के लिए ग्रीन कार्ड धारकों को भी प्रतिबंध जरुरत था। सीडीसी ने सबसे पहले सोमवार को अमेरिकी सार्वजनिक स्वास्थ्य कानून के टाइटर 42 के तहत प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया था। यह कानून संघीय स्वास्थ्य अधिकारियों को महामारी फैलने से रोकने के लिए प्रवासियों को देश में प्रवेश लगाने का अधिकार देता है। ऐतिहासिक रूप से ग्रीन कार्ड धारकों को अमेरिका में प्रवेश संबंधी प्रतिबंधों से छूट मिलती है। कोविड के दौरान टाइटल 42 का आदेश उन पर लागू नहीं हुआ था। यहां तक कि राष्ट्रपति ट्रंप की कई यात्रा प्रतिबंध भी उन पर नहीं लागू हुए थे। इस बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कांगो में इबोला के बुंडीबुग्यो बैरिएंट के तेजी से फैलने के चलते जोखिम को ज्यादा कर दिया है। डब्ल्यूएचओ ने इसे अंतरराष्ट्रीय चिंता का आपातकाल घोषित किया है। डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक टेड्रोस अधानोम घेब्रेयेसस ने शुक्रवार को कहा था कि यूएन की स्वास्थ्य एजेंसी ने कांगो के भीतर जोखिम के अपने आकलन को संशोधित किया है और अब यह ‘‘बहुत उच्च’’ श्रेणी में है, जिसे पहले ‘उच्च’ श्रेणी में माना गया था। उन्होंने बताया कि क्षेत्रीय स्तर पर इबोला संक्रमण फैलने का खतरा ज्यादा है, लेकिन फिलहाल इसके वैश्विक महामारी में तब्दील होने की आशंका कम है। डब्ल्यूएचओ प्रमुख ने बताया कि कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य में 82 मामलों और इस बीमारी के कारण सात लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। उन्होंने कहा कि लेकिन हम जानते हैं कि कांगो में महामारी का प्रकोप कहीं ज्यादा व्यापक है। घेब्रेयेसस ने कहा कि अब तक करीब 750 संदिग्ध मामले सामने आए हैं और 177 लोगों की संक्रमण से मौत होने की आशंका है। उन्होंने बताया कि पड़ोसी देश युगांडा में स्थिति ‘स्थिर’ है, जहां कांगो से आए लोगों में दो इस वायरस से संक्रमित पाए गए और एक व्यक्ति की मौत हो गई। सिराज/ईएमएस 23मई26