अंतर्राष्ट्रीय
22-May-2026
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मॉस्को,(ईएमएस)। रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध अब एक बेहद खतरनाक मोड़ लेता दिखाई दे रहा है, जिसने पूरे यूरोपीय महाद्वीप में एक नया तनाव पैदा कर दिया है। यूक्रेन द्वारा किए गए एक हालिया सनसनीखेज दावे ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुरक्षा चिंताओं को गहरा कर दिया है। यूक्रेन का दावा है कि एक रूसी हमले के बाद मिले मिसाइल के मलबे में खतरनाक रेडिएशन (रेडियोधर्मी तत्व) पाया गया है। इस दावे के बाद यह गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं कि क्या रूस अपनी मिसाइलों में किसी घातक रेडियोएक्टिव सामग्री का इस्तेमाल कर रहा है। यह स्थिति ऐसे समय में सामने आई है जब रूस ने हाल के वर्षों का सबसे बड़ा परमाणु युद्धाभ्यास शुरू कर दिया है, जिसके जवाब में अमेरिका ने भी पोलैंड में अपने अतिरिक्त सैनिक भेजने और परमाणु मिसाइल का परीक्षण करने का एलान किया है। यूक्रेन की सुरक्षा एजेंसी एसबीयू के मुताबिक, अप्रैल महीने में गिरे एक आर-60 मिसाइल के मलबे की जांच के दौरान उसमें यूरेनियम-235 और यूरेनियम-238 के अंश मिले हैं। एजेंसी ने दावा किया कि घटनास्थल पर गामा रेडिएशन का स्तर 12 माइक्रोसीवर्ट प्रति घंटा दर्ज किया गया, जो सामान्य से काफी अधिक है। इसके बाद यूक्रेन प्रशासन ने मलबे को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाते हुए आम नागरिकों को किसी भी ड्रोन या मिसाइल के मलबे से दूर रहने की सख्त हिदायत दी है। दूसरी तरफ, रूस ने एक व्यापक परमाणु अभ्यास शुरू किया है जिसमें लगभग 64,000 सैनिक हिस्सा ले रहे हैं। इस युद्धाभ्यास के दौरान रूस ने अपनी घातक यार्स इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल, जिरकॉन हाइपरसोनिक मिसाइल और सिनेवा बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण कर दुनिया को अपनी ताकत दिखाई है। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि हालांकि परमाणु हथियार आखिरी विकल्प हैं, लेकिन देश की संप्रभुता की रक्षा के लिए उनका न्यूक्लियर ट्रायड हमेशा तैयार रहेगा। रूस की इस आक्रामक सैन्य गतिविधि के तुरंत बाद अमेरिका ने भी जवाबी रुख अपनाते हुए अपनी मिनटमैन 3 इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल का टेस्ट लॉन्च किया है। अमेरिकी वायुसेना के अधिकारियों का कहना है कि यह परीक्षण पहले से निर्धारित था, लेकिन वैश्विक विश्लेषक इसे रूस को दिए गए सीधे संदेश के रूप में देख रहे हैं। इस बढ़ते सैन्य तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पोलैंड में अतिरिक्त 5,000 अमेरिकी सैनिकों को तैनात करने का एक बड़ा एलान किया है। पोलैंड पहले से ही रूसी ड्रोनों की घुसपैठ और संभावित सुरक्षा खतरों को लेकर हाई अलर्ट पर है। वर्तमान में यूरोप में अमेरिका के करीब 80,000 सैनिक तैनात हैं, जिनमें से 10,000 अकेले पोलैंड में मौजूद हैं। अमेरिकी सैनिकों की इस नई तैनाती और दोनों महाशक्तियों के परमाणु शक्ति प्रदर्शन ने यूरोप में एक बार फिर बड़े युद्ध की आशंकाओं को हवा दे दी है। वीरेंद्र/ईएमएस/22मई 2026