खेल
22-May-2026
...


मुम्बई (ईएमएस)। पूर्व स्पिनर एल. शिवरामकृष्णन ने एक बार फिर भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) पर निशाना साधा है। शिवरामकृष्णन ने कहा है कि कुछ साल पहले अपने बड़े भाई के अंतिम संस्कार लिए वह घर लौटे थे पर कुछ ही समय के बाद उन्हें वापस लौटने को कहा गया था। शिवरामकृष्णन ने सोशल मीडिया पर कहा कि तब उनके पास बीसीसीआई के एक अधिकारी का फोन आया। अधिकारी ने उनसे पूछा, अब जब अंतिम संस्कार हो गया है तो क्या आप अगली उड़ान से मोहाली में भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया टेस्ट मैच की कमेंट्री करने आ सकते हैं? शिवरामकृष्णन ने कहा कि इस कठिन समय में भी उन्होंने अपनरे काम को महत्व दिया और वह मैच के लिए वापस लौटे। इस खिलाड़ी ने कहा कि इसके बाद भी उनको पर्याप्त सम्मान नहीं मिला। इसके अलावा उन्होंने एक और दुखद घटना का जिक्र किया और कहा कि पुणे में जब वह कमेंट्री कर रहे थे तो उनकी माँ का निधन हो गया था। इसके बाद भी वह काम पूरा होने पर ही घर गये थे। शिवरामकृष्णन का कहना है कि इन बलिदानों और समर्पण भाव के बाद भी उन्हें लगातार नजरअंदाज किया गया और कभी भी पर्याप्त अवसर नहीं दिए गए। गौरतब है कि इससे पहले शिवरामकृष्णन ने बीसीसीआई पर भेदभाव का आरोप लगाया था। साथ ही कहा था कि उन्हें काले रंग के कारण भेदभाव का शिकार होना पड़ा था। इसी कारण से उन्होंने परेशान होकर हाल में कमेंट्री से भी संन्यास ले लिया था। शिवरामकृष्णन ने अपने करियर में साल 1983 से 1987 के बीच भारतीय टीम के लिए 9 टेस्ट और 16 एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय (वनडे) मैच खेले, जिसमें कुल 41 विकेट हासिल किए। बाद में वह दशक तक कमेंट्री करते रहे। शिवरामकृष्णन ने पहले भी कई बार कहा है कि उन्होंने अपने जीवन भर रंगभेद का सामना किया है और अब वे इसके आदी हो चुके हैं। उनका यह हालिया खुलासा भारतीय क्रिकेट प्रशासन में पारदर्शिता और मानवीय दृष्टिकोण पर गंभीर सवाल खड़े करता है। ईएमएस 22मई 2026