- भारी बिकवाली के बीच भी दिखी खरीदारी की चमक, कुछ सेक्टरों ने दी संजीवनी मुंबई (ईएमएस)। बीते सप्ताह भारतीय शेयर बाजार के लिए अत्यधिक उतार-चढ़ाव और अप्रत्याशित झटकों से भरा रहा, जहां वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाक्रमों और घरेलू आर्थिक संकेतकों ने बाजार की चाल तय की। निवेशकों को हर दिन बाजार की शुरुआती गिरावट और फिर दिन के अंत में शानदार रिकवरी या इसके विपरीत शुरुआती तेजी के बाद सुस्त समापन जैसे नाटकीय परिवर्तन देखने को मिले। पश्चिमी एशिया में तनाव, कच्चे तेल की कीमतें, डॉलर के मुकाबले रुपये की रिकॉर्ड गिरावट और विदेशी फंड के प्रवाह जैसे कारकों ने बाजार की दिशा को लगातार प्रभावित किया, जिससे यह सप्ताह वैश्विक संकेतों और घरेलू लचीलेपन के बीच झूलता रहा। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज लाल निशान के साथ खुला, जहां सेंसेक्स 900 से अधिक अंक और निफ्टी 255 से अधिक अंक गिर गया। डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया अपने रिकॉर्ड निचले स्तर 96.33 (अस्थायी) पर पहुंच गया, जिसने निवेशकों की चिंता और बढ़ा दी। हालांकि, बाजार ने दिन के अंत तक जबरदस्त वापसी करते हुए निवेशकों को चौंका दिया। सेंसेक्स मामूली रूप से 77.05 अंकों की वृद्धि दर्ज कर हरे निशान पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी में भी 6.45 अंकों की बढ़त रही। मंगलवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान पर नियोजित सैन्य हमले रोकने और समझौते की संभावना जताने की खबर ने बाजार में एक नई उम्मीद जगाई। इस सकारात्मक खबर के दम पर भारतीय शेयर बाजार ने शुरुआती कारोबार में जोरदार तेजी दर्ज की। सेंसेक्स 366.71 अंक उछलकर 75,706.88 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी में भी 107.45 अंकों की बढ़त दर्ज हुई। लेकिन यह तेजी भी दिन के अंत तक कायम नहीं रह पाई। शुरुआती बढ़त गंवाकर दोनों प्रमुख सूचकांक लाल निशान पर बंद हुए, सेंसेक्स 75,200.85 और निफ्टी 23,618.00 पर कारोबार समाप्त हुआ। बुधवार को भारतीय शेयर बाजार एक बार फिर भारी बिकवाली के दबाव में खुले। बाजार विशेषज्ञों ने कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, कमजोर होती मुद्रा और महंगाई की चिंताओं को निवेशकों की धारणा पर भारी पड़ने वाला बताया। निफ्टी 50 और बीएसई सेंसेक्स दोनों में शुरुआती कारोबार में बड़ी गिरावट दर्ज हुई। हालांकि, प्रमुख एशियाई बाजारों में छाई सुस्ती और कमजोरी के बावजूद, भारतीय बाजारों ने जबरदस्त लचीलापन दिखाया। तेल व गैस, ऑटो और वित्तीय क्षेत्र के शेयरों में हुई जोरदार खरीदारी के दम पर घरेलू सूचकांकों ने दिन के निचले स्तरों से शानदार रिकवरी की और अंततः हरे निशान में बंद होने में सफल रहा। सेंसेक्स 117.54 अंकों की बढ़त के साथ 75,318.39 और निफ्टी 41 अंकों की बढ़त के साथ 23,659 पर बंद हुआ। गुरुवार की स्थिरता और शुक्रवार का सकारात्मक समापन गुरुवार को पश्चिम एशिया संघर्ष के जल्द समाप्त होने की उम्मीदों के बीच तेल की कीमतों में नरमी और वैश्विक बाजारों में आई तेजी के कारण बेंचमार्क इक्विटी सूचकांकों में शुरुआती तेजी देखी गई। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ने अच्छी बढ़त के साथ कारोबार शुरू किया। हालांकि, दिन का अंत बेहद सुस्त माहौल में हुआ। पूरे दिन के उतार-चढ़ाव के बाद दोनों प्रमुख सूचकांक लगभग सपाट स्तर पर बंद हुए, सेंसेक्स 135.03 अंक टूटकर 75,183.36 पर और निफ्टी महज 4.30 अंकों की मामूली गिरावट के साथ 23,654.70 पर सेटल हुआ। सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन शुक्रवार को ईरान तनाव में नरमी की उम्मीद और वैश्विक आशावाद के चलते भारतीय बाजारों में तेजी जारी रही। प्रमुख एशियाई सूचकांकों में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई, जिससे भू-राजनीतिक तनाव में मिली संक्षिप्त राहत ने बाजार को सकारात्मक संकेत दिए। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 332.39 अंक चढ़कर 75,507.09 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 84.60 अंक बढ़कर 23,747.40 पर कारोबार कर रहा था। बैंकिंग और एनबीएफसी शेयरों में बढ़त के दम पर हफ्ते का अंत सकारात्मक रहा, सेंसेक्स 232 अंक चढ़कर 75,415 पर और निफ्टी 23,700 के पार बंद हुआ। सतीश मोरे/23मई ---