- 17 गिरफ्तार, 494 लीटर शराब व 490 किलो जावा महुआ से बने अर्धनिर्मित शराब नष्ट मधुबनी, (ईएमएस)। मधुबनी जिला में शराबबंदी कानून को प्रभावी बनाने के लिए उत्पाद विभाग ने शुक्रवार को जिला में विशेष अभियान चलाया। उत्पाद अधीक्षक विजय कांत ठाकुर ने बताया कि अवैध शराब कारोबार और सेवन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गयी है। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में एक साथ चलाए गए विशेष छापेमारी अभियान के दौरान कुल 17 लोगों को गिरफ्तार किया गया। जिनमें तीन शराब तस्कर तथा 14 शराब का सेवन करने वाले शामिल हैं। इस दौरान 494 लीटर शराब जब्त की गई, जबकि अवैध शराब निर्माण में प्रयुक्त भारी मात्रा में जावा महुआ से बन रहे अर्धनिर्मित शराब को भी नष्ट किया गया। उत्पाद अधीक्षक श्री ठाकुर ने बताया कि विभाग की अलग अलग टीम ने जिले के 79 स्थानों पर छापेमारी की। अभियान के दौरान 429 लीटर देशी शराब और 65 लीटर विदेशी शराब बरामद की गई। इसके अलावा शराब तस्करी में प्रयुक्त एक वाहन को भी जब्त किया गया है। गिरफ्तार सभी आरोपितों के विरुद्ध उत्पाद अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। - ड्रोन तकनीक से मिली बड़ी सफलता उत्पाद विभाग की ड्रोन टीम ने आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए जिले के कैटोला एवं सरिसबपाही क्षेत्र सहित कई संवेदनशील इलाकों में निगरानी की। ड्रोन से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर की गई छापेमारी में अवैध शराब निर्माण के ठिकानों का पता चला। कार्रवाई के दौरान करीब 490 किलोग्राम अर्धनिर्मित शराब के घोल (जावा महुआ) को मौके पर ही नष्ट कर दिया गया, जिससे बड़े पैमाने पर शराब निर्माण की योजना विफल हो गई। उत्पाद अधीक्षक ने कहा कि राज्य में पूर्ण शराबबंदी कानून को सफल बनाने के लिए विभाग लगातार सतर्क है और अवैध कारोबार में संलिप्त लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक और खुफिया सूचनाओं के आधार पर आगे भी ऐसे अभियान चलाए जाएंगे ताकि शराब तस्करी एवं निर्माण पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सके। - अभियान से तस्करों में हड़कंप एक साथ जिले भर में हुई छापेमारी से शराब तस्करों और अवैध कारोबारियों में हड़कंप मच गया। उत्पाद विभाग की इस कार्रवाई को शराबबंदी कानून के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विभाग ने आम लोगों से भी अपील की है कि अवैध शराब निर्माण, बिक्री या तस्करी की जानकारी मिलने पर तत्काल प्रशासन को सूचित करें, ताकि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके। कार्तिक कुमार/संतोष झा- २३ मई/२०२६/ईएमएस