- माधव नेशनल पार्क में टाइगर, श्योपुर में चीता आने से शिवपुरी में होमस्टे को मिली उड़ान, किसान भी बने संचालक - होमस्टे में मिल रहा ग्रामीण परिवेश, 4 होमस्टे शुरू शिवपुरी (ईएमएस) ।शिवपुरी के माधव राष्ट्रीय उद्यान में टाइगर की मौजूदगी और पड़ोसी जिले श्योपुर में चीतों के आने के बाद शिवपुरी जिले में होमस्टे टूरिज्म को पंख लग गए हैं। जिले के किसान, ग्रामीण और फार्म हाउस संचालक अब तेजी से होमस्टे डेवलप कर रहे हैं। पर्यटकों को ग्रामीण परिवेश, देसी खाना और सस्ती सुविधा देने के लिए ये होमस्टे आकर्षण का केंद्र बन रहे हैं। होमस्टे का ट्रेंड तेजी से बढ़ा- फिलहाल जिले में चार होमस्टे संचालित हो रहे हैं। इनमें हातोद ग्राम में चल रहा होमस्टे पर्यटकों के बीच सबसे ज्यादा लोकप्रिय है। यहां आने वाले पर्यटक इन होम स्टे में रूकते हैं इसके बाद शिवपुरी के माधव नेशनल पार्क में टाइगर सफारी के साथ-साथ सिंधिया घराने की ऐतिहासिक छतरियां, भदैया कुंड और भूरा खो जैसे प्राकृतिक पर्यटन स्थलों का भी लुत्फ उठा रहे हैं। जिले में कई होटल पहले से मौजूद हैं, लेकिन अब होमस्टे का ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है। ग्राम हातोद में स्थितफार्मस्टे- बैरागढ़ लिविंग के संचालक जसमीत ग्रेवाल ने बताया कि हमारे यहां पर कई देशी-विदेश पर्यटक आ चुके हैं। उन्होंने बताया कि हमारे देशी स्थानीय व्यंजन जैविक खेती से तैयारी अनाज व सब्जियों से तैयार किए जाते हैं। हातोद गांव होमस्टे का हब बना- इन होमस्टे की सबसे बड़ी खासियत है स्थानीय व्यंजन और ग्रामीण संस्कृति। पर्यटकों को यहां जैविक खेती से तैयार कढ़ी-चावल, दाल-बाटी, बाजरे की रोटी और देसी घी का स्वाद मिल रहा है। इन होमस्टे में रहने-खाने की व्यवस्था ग्रामीण परिवेश को ध्यान में रखकर की गई है। मिट्टी के घर, चारपाई और गोबर से लिपे आंगन पर्यटकों को खास अनुभव दे रहे हैं। जिला पर्यटन प्रबंधक देव सोनी ने बताया कि शिवपुरी में होमस्टे को विशेष रूप से बढ़ावा दिया जा रहा है। इसका मकसद पर्यटकों को होटल के मुकाबले कम रेट में बेहतर और प्रामाणिक सुविधा देना है। उन्होंने बताया कि साथ ही स्थानीय ग्रामीणों को रोजगार से जोड़ना भी लक्ष्य है। हातोद गांव को होमस्टे हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। पहले खुद आए इसके बाद जमीन ही खरीदी- नोएडा से आए पर्यटक आदेश कटियार ने बताया कि वे पिछले 2 साल से लगातार शिवपुरी आ रहे हैं। हातोद के होमस्टे में ग्रामीण माहौल और आतिथ्य ने उन्हें इतना प्रभावित किया कि उन्होंने गांव में ही जमीन खरीद ली है। अब वे यहां पर खुद अपना एक नया होमस्टे डेवलप करेंगे। एक अन्य पर्यटक निर्भय गौर ने कहा कि पहली बार देखा कि शिवपुरी में इतनी अच्छी होमस्टे सुविधा है। शहर की भागदौड़ से दूर शांत वातावरण और देसी खाना मन को सुकून देता है। बैरागढ़ लिविंग के संचालक जसमीत ग्रेवाल ने बताया कि टाइगर और चीता प्रोजेक्ट के बाद पर्यटकों की संख्या बढ़ी है। वीकेंड पर अच्छी बुकिंग हो जाती है। इन होम स्टे के संचालन से अब युवाओं को गाइड, रसोइया और हाउसकीपिंग का रोजगार मिल रहा है। शिवपुरी में पर्यटन की अपार संभावना है और होमस्टे इस दिशा में नया अध्याय लिख रहे हैं। रंजीत गुप्ता, २३ मई, २०२६