- रेखाओं के साथ संस्कारों को गढ़े नई पीढ़ी : डॉ. मंजूषा जौहरी - अ.भा. महिला मराठा महासंघ की अध्यक्ष स्वाति काशिद की सीख- मोबाइल की आभासी दुनिया छोड़, रचनात्मकता से जुड़ें बच्चे :: इंदौर (ईएमएस)। इंदौर प्रेस क्लब के तत्वावधान में आयोजित तीन दिवसीय कार्टूनशाला के दूसरे दिन शनिवार को भी बच्चों का उत्साह चरम पर रहा। विख्यात कार्टूनिस्ट इस्माइल लहरी की इस अनूठी पाठशाला में नन्हीं उंगलियां कैनवास पर कल्पना के रंग उकेरने के साथ-साथ जीवन मूल्यों और संस्कारों का पाठ भी सीख रही हैं। कार्यशाला के द्वितीय सत्र में बच्चों का उत्साहवर्धन करने के लिए तुलसी शोध संस्थान, चित्रकूट की निदेशक डॉ. मंजूषा राजस जौहरी और अखिल भारतीय महिला मराठा महासंघ की अध्यक्ष श्रीमती स्वाति काशिद अतिथि के रूप में उपस्थित थीं। मुख्य अतिथि डॉ. मंजूषा राजस जौहरी ने बच्चों को प्रायोगिक ढंग से कला की बारीकियां समझाईं। उन्होंने स्वयं मंच से विभिन्न मानवीय भाव-भंगिमाएं बनाकर दिखाईं और बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा कि हमारे अंतर्मन के भाव ही कागज़ पर जीवंत कार्टून का रूप लेते हैं। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि कला और आधुनिक शिक्षा की सार्थकता तभी है, जब नई पीढ़ी अपनी जड़ों, संस्कृति और संस्कारों से मजबूती के साथ जुड़ी रहे। विशिष्ट अतिथि श्रीमती स्वाति काशिद ने वर्तमान दौर में बच्चों में बढ़ती मोबाइल की लत पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने उपस्थित अभिभावकों और बच्चों से आह्वान किया कि वे मोबाइल की आभासी दुनिया के अंधेरे से बाहर निकलकर इस प्रकार की रचनात्मक और व्यावहारिक गतिविधियों का हिस्सा बनें। उन्होंने कहा कि कला के प्रति यही अनुराग भविष्य में बच्चों के व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास करने में सहायक सिद्ध होगा। इस गरिमामयी अवसर पर अतिथियों द्वारा मुख्य प्रशिक्षक व वरिष्ठ कार्टूनिस्ट श्री इस्माइल लहरी एवं डॉ. आस्था पाठक का शाल-श्रीफल व स्मृति चिह्न भेंट कर आत्मीय अभिनंदन किया गया। इससे पूर्व, कार्यक्रम के प्रारंभ में प्रेस क्लब के उपाध्यक्ष संजय त्रिपाठी, कोषाध्यक्ष मुकेश तिवारी, कार्यकारिणी सदस्य अभय तिवारी, प्रमोद दीक्षित, श्याम कामले, अभिषेक रघुवंशी एवं लक्ष्मीकांत पंडित ने अतिथियों का सूत की माला और पुष्पगुच्छ से आदरपूर्वक स्वागत किया। कार्यक्रम का कुशल संचालन महासचिव प्रदीप जोशी ने किया तथा अंत में आभार प्रदर्शन कोषाध्यक्ष मुकेश तिवारी द्वारा किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में मीडियाकर्मी, कलाप्रेमी और सजग अभिभावक उपस्थित थे। इस तीन दिवसीय कला आयोजन का समापन रविवार, 24 मई को होगा। प्रकाश/23 मई 2026