क्षेत्रीय
23-May-2026
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- पेट्रोल 113 के पार, डीजल 98 से ऊपर - हर बढ़ती कीमत के साथ टूट रहा गरीब और मध्यम वर्ग का बजट बालाघाट (ईएमएस). पेट्रोल-डीजल और सीएनजी की लगातार बढ़ती कीमतों ने आम आदमी की जिंदगी को और मुश्किल बना दिया है। महज 10 दिनों में तीसरी बार दाम बढऩे से महंगाई की आग तेज हो गई है, जिसका सबसे ज्यादा असर गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों पर पड़ रहा है। जिले में अब पेट्रोल 113 के पार हो गया है, जबकि डीजल 98 से ऊपर बिकेगा। हर बढ़ती कीमत के साथ अब गरीब और मध्यम वर्ग का बजट टूट रहा है, लोग परेशान हो रहे हैं। जिले में शनिवार सुबह एक बार फिर पेट्रोल और डीजल के दामों में इजाफा हुआ है। ताजा बढ़ोतरी में पेट्रोल 87 पैसे और डीजल 91 पैसे प्रति लीटर महंगा हो गया है। इसके बाद जिले में पेट्रोल 113.16 रुपए और डीजल 98.35 रुपए प्रति लीटर पहुंच गया है। साथ ही सीएनजी के दामों में भी वृद्धि दर्ज की गई है। लगातार बढ़ रही कीमतों ने आम जनता की जेब पर सीधा असर डाला है और घर का बजट बिगड़ता जा रहा है। 10 दिनों में तीसरी बार झटका ईंधन की कीमतों में यह तीसरी बढ़ोतरी है, जिसने लोगों की परेशानी को कई गुना बढ़ा दिया है। 15 मई को पेट्रोल-डीजल 3-3 रुपए महंगा हुआ था। इसके बाद 19 मई को पेट्रोल के 87 पैसे, डीजल के 91 पैसे दाम बढ़ाए गए थे। वहीं 23 मई को फिर से 87 पैसे और 91 पैसे की बढ़ोतरी की गई है। यानि महज 10 दिनों में करीब 5 रुपए प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी हो चुकी है। अंतरराष्ट्रीय हालात का असर, लेकिन राहत नहीं मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया है, जिसका असर देशभर में देखने को मिल रहा है। बावजूद इसके, आम जनता को राहत देने के लिए कोई ठोस कदम नजर नहीं आ रहे हैं। सरकार जहां पर्याप्त स्टॉक होने की बात कह रही है, वहीं लगातार बढ़ती कीमतें लोगों की परेशानी बढ़ा रही हैं। गरीब और मध्यम वर्ग पर दोहरी मार ईंधन महंगा होने का सीधा असर उन परिवारों पर पड़ रहा है, जिनकी आमदनी सीमित है। दिहाड़ी मजदूरों के लिए रोज का खर्च निकालना मुश्किल हो गया है, ऐसे में महंगाई उनकी कमर तोड़ रही है। मध्यम वर्गीय परिवारों का मासिक बजट बिगडऩे लगा है। बच्चों की पढ़ाई, दवा और जरूरी खर्च प्रभावित हो रहे हैं। निजी वाहन चलाना मजबूरी में हो रहा कम स्थानीय लोगों का कहना है कि अब पेट्रोल भरवाना भी सोच-समझकर करना पड़ता है, बाकी खर्च कैसे संभालें समझ नहीं आता। ईंधन की कीमत बढ़ते ही महंगाई का असर हर क्षेत्र में दिखने लगता है। ट्रांसपोर्ट महंगा, बाजार में सामान महंगा, कृषि लागत बढ़ी, सब्जी और अनाज के दाम बढऩे लगे हैं। इसके अलावा किराया बढऩे की आशंका बनी हुई है, जिससे आम आदमी की परेशानी दोगुनी हो जाएगी। यह एक ऐसी कड़ी है जो हर व्यक्ति को प्रभावित करती है। जनता में आक्रोश, राहत की मांग तेज नगर पालिका परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष अनिल सोनी ने कहा कि लगातार बढ़ती कीमतों को लेकर लोगों में नाराजगी साफ दिखाई दे रही है। सरकार को टैक्स कम कर या अन्य उपायों के जरिए ईंधन के दाम नियंत्रित करने चाहिए, ताकि महंगाई पर लगाम लग सके। ईंधन की कीमतों में हो रही लगातार बढ़ोतरी ने आम आदमी की आर्थिक स्थिति को हिला दिया है। यदि जल्द ही इस पर नियंत्रण नहीं किया गया, तो आने वाले समय में महंगाई और भी विकराल रूप ले सकती है, जिसका खामियाजा सबसे ज्यादा गरीब और मध्यम वर्ग को भुगतना पड़ेगा। भानेश साकुरे / 23 मई 2026