- न्याय के लिए आज निकाला जाएगा कैंडल मार्च 100 दिन से जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा विवेक सोशल मीडिया में चलाया जा रहा है जस्टिस फॉर विवेक तिरपुड़े अभियान बालाघाट (ईएमएस). सरदार पटेल मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल में कथित चिकित्सकीय लापरवाही के कारण एक 36 वर्षीय युवक पिछले 100 दिनों से कोमा में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहा है। पीडि़त को न्याय दिलाने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर 24 मई की शाम 6 बजे शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय के खेल मैदान से शांतिपूर्ण कैंडल मार्च निकाला जाएगा। जानकारी के अनुसार विवेक तिरपुड़े एक छोटी सर्जरी के लिए अस्पताल गया था, लेकिन परिजनों का आरोप है कि डॉक्टरों की लापरवाही के कारण उसकी हालत गंभीर हो गई। जो युवक सामान्य स्थिति में अस्पताल गया था, वह आज नलियों के सहारे सांस लेने को मजबूर है। मामले में सीएमएचओ डॉ. परेश उपलव की निगरानी में गठित तीन सदस्यीय जांच टीम की रिपोर्ट में सामने आया कि विवेक ग्लोबल हाइपोक्सिक इंजरी का शिकार हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक एनेस्थीसिया के दौरान उसे सही तरीके से वेंटिलेटर पर नहीं रखा गया, जिससे उसके मस्तिष्क तक पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं पहुंच सकी। जांच में यह भी पाया गया कि जब मरीज की हालत बिगड़ी, तो उसे सीपीआर देकर पुनर्जीवित किया गया, लेकिन उस समय अस्पताल में आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशिक्षित स्टाफ और आवश्यक व्यवस्थाएं मौजूद नहीं थीं। रिपोर्ट ने अस्पताल की तैयारियों और संसाधनों पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पीडि़त परिवार ने अस्पताल और संबंधित डॉक्टरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। साथ ही उन्होंने आम नागरिकों से कैंडल मार्च में शामिल होकर न्याय की इस लड़ाई में समर्थन देने की अपील की है। भानेश साकुरे / 23 मई 2026