- पार्षदों के इस्तीफों से बढ़ी हलचल - संगठन में बड़े फेरबदल के संकेत कोलकाता (ईएमएस)। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में मिली हार और विभिन्न नगर निकायों में पार्षदों के इस्तीफों से उत्पन्न राजनीतिक चुनौती के बीच तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी ने पार्टी नेताओं और जनप्रतिनिधियों को एकजुट रहने का संदेश दिया है। कालीघाट स्थित अपने आवास पर आयोजित आपात बैठक में उन्होंने उत्तर उपनगरीय क्षेत्रों तथा बिधाननगर नगर निगम के मेयर, चेयरमैन और पार्षदों के साथ स्थिति की समीक्षा की। बैठक के दौरान ममता बनर्जी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पार्टी के अच्छे दिनों में साथ रहने वाले कुछ लोग कठिन समय में साथ छोड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि जो लोग पार्टी छोड़ना चाहते हैं, वे स्वतंत्र हैं, लेकिन जो कार्यकर्ता और नेता संगठन में बने हुए हैं, उन्हें एकजुट होकर संघर्ष करना होगा। राजनीतिक संकट के बीच तृणमूल कांग्रेस ने संगठन में बड़ा बदलाव भी किया है। बारसात संगठनात्मक जिले के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने वाली काकोली घोष दस्तीदार के स्थान पर पूर्व विधायक तापस चटर्जी को नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं को कानूनी सहायता उपलब्ध कराने के लिए मंत्री मलय घटक और चंद्रिमा भट्टाचार्य के नेतृत्व में पांच सदस्यीय समिति का गठन किया गया है। उधर, विधानसभा चुनाव परिणामों को लेकर भी पार्टी के भीतर अलग-अलग रुख सामने आ रहे हैं। ममता बनर्जी चुनावी नतीजों को अदालत में चुनौती देने की तैयारी कर रही हैं। उनका आरोप है कि कई विधानसभा सीटों पर ईवीएम और मतगणना प्रक्रिया में अनियमितताएं हुईं। तृणमूल सांसद और वरिष्ठ अधिवक्ता कल्याण बनर्जी करीब 50 सीटों पर चुनाव याचिकाएं दायर करने की तैयारी कर रहे हैं। हालांकि, पार्टी के कई पराजित उम्मीदवार इस कानूनी लड़ाई से दूरी बनाए हुए हैं। जंगीपाड़ा से चुनाव हार चुके पूर्व मंत्री स्नेहाशीष चक्रवर्ती समेत कई नेताओं ने अदालत जाने में रुचि नहीं दिखाई है। ऐसे में चुनावी हार के बाद तृणमूल कांग्रेस को संगठनात्मक और राजनीतिक दोनों मोर्चों पर चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। रामयश/ईएमएस 26 मई 2026