26-May-2026
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-विदेश मंत्रियों की अहम बैठक में मार्को रुबियो ने रखे अपने विचार नई दिल्ली,(ईएमएस)। क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की अहम बैठक मंगलवार को आयोजित की गई। इस उच्च स्तरीय बैठक में सदस्य देशों ने साफ कर दिया कि क्वाड अब केवल चर्चा और विचार-विमर्श का मंच नहीं है, यह वैश्विक और क्षेत्रीय चुनौतियों से निपटने के लिए व्यावहारिक और ठोस कदम उठाने का एक मजबूत केंद्र बन चुका है। बैठक की अध्यक्षता भारत के विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर ने की, जिसमें अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो, ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग और जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी ने हिस्सा लिया। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक मार्को रूबियो ने कहा कि मैं मंत्री जयशंकर और भारत सरकार का यहां हमारी मेज़बानी करने के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं न सिर्फ़ पिछले तीन दिनों की द्विपक्षीय यात्रा के दौरान, बल्कि इस महत्वपूर्ण बैठक की मेजबानी करने के लिए भी...जब मैंने विदेश मंत्री के तौर पर अपना कार्यभार संभाला। जैसा कि पहले भी बताया गया है तो शपथ लेने के कुछ ही मिनटों के अंदर मेरी पहली बैठक क्वाड के साथ हुई थी। मुझे लगा कि यह इस प्रक्रिया के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है, लेकिन पिछले एक साल में हमारा सामूहिक लक्ष्य इस मंच को सिर्फ बातचीत करने और समस्याओं पर चर्चा करने की जगह से बदलकर एक ऐसा मंच बनाना रहा है, जहां हम असल में उन समस्याओं को हल करने के लिए कुछ ठोस कदम उठा सकें। मुझे लगता है कि हम अपने-अपने देश की जनता को यह बता सकते हैं कि सहयोग के क्षेत्रों में हमने काफी तेजी से काम करना शुरू कर दिया है। क्वाड के बारे में सबसे दिलचस्प बात यह नहीं है कि यह सिर्फ चार रणनीतिक सहयोगियों का एक समूह है, बल्कि यह है कि हम यहां उन क्षेत्रों पर अपने विचार साझा करने के लिए एक साथ आते हैं, जो हमारे साझा हितों से जुड़े हैं। यह न केवल एक ऐसा मंच बनता जा रहा है जिसके जरिए हम कार्रवाई शुरू करते हैं, बल्कि आज यहां मौजूद ये चारों देश ऐसी अनोखी क्षमताएं लेकर आए हैं जिन्हें मिलाकर हम दुनिया के सामने मौजूद कुछ सबसे बड़ी समस्याओं को हल करने में इस्तेमाल कर सकते हैं। चाहे वह मानवीय सहायता हो, ऊर्जा सुरक्षा हो, नौवहन की आज़ादी हो, या फिर न केवल ऊर्जा बल्कि ज़रूरी खनिजों और सप्लाई चेन के मामले में अपनी आपूर्ति के स्रोतों में विविधता लाने की ज़रूरत हो। एस जयशंकर ने कहा कि हम अपनी साझा गतिविधियों पर चर्चा करेंगे और फ़ैसले लेंगे। जाहिर है, इसमें दुनिया भर की कई चुनौतियों और मौकों को ध्यान में रखा जाएगा। हमारा ध्यान साफ तौर पर इंडो-पैसिफिक पर होगा, जो क्वाड का खास दायरा है। वैश्विक स्तर पर, हमें सप्लाई चेन की मज़बूती, कनेक्टिविटी के अहम पॉइंट्स, मैन्युफ़ैक्चरिंग और संसाधनों के जमाव, और ज़रूरी इंफ़्रास्ट्रक्चर में कमियों जैसे मुद्दों को हल करना होगा। इनमें से हर एक चीज ज़्यादा साझेदारियों, मज़बूत विकास और टेक्नोलॉजी के वादों को पूरा करने के लिए एक नया तर्क पेश करती है। इसके अलावा, इंडो-पैसिफिक की अपनी खास चिंताएं भी हैं। इसके लिए रणनीतिक भरोसे को बढ़ाना, समुद्री सुरक्षा पक्का करना, आर्थिक विकल्पों को बढ़ावा देना और सहयोग की गहरी भावना को बढ़ावा देना ज़रूरी होगा। और यह काम भरोसेमंद और पारदर्शी साझेदारियों को बढ़ावा देकर सबसे अच्छे तरीके से किया जा सकता है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोटेगी ने कहा कि यह क्वाड बैठक दुनिया को एक मज़बूत संदेश देती है कि क्वाड, मुक्त और खुले इंडो-पैसिफिक को साकार करने के लिए सहयोग को ज़ोरदार ढंग से बढ़ावा देगा...इंडो-पैसिफिक देशों को अपने भविष्य को खुद तय करने के लिए अपनी सहनशीलता और जरूरी क्षमताओं को मजबूत करना चाहिए, जिसमें आर्थिक सुरक्षा भी शामिल है। आज, मुझे उम्मीद है कि क्वाड के सहयोग को तेज करने समेत, सभी मुद्दों पर खुलकर चर्चा होगी। सिराज/ईएमएस 26मई26