बिलासपुर (ईएमएस)। जिले में चिटफंड कंपनियों के खिलाफ दर्ज मामलों में फरार आरोपियों की तलाश तेज करने के लिए बिलासपुर पुलिस ने अब जांच को तकनीकी और डिजिटल स्तर पर मजबूत करना शुरू कर दिया है। रविवार को चेतना सभागार पुलिस लाइन में पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के तत्वावधान और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण मधुलिका सिंह के मार्गदर्शन में जिले के थाना प्रभारियों का विशेष प्रशिक्षण आयोजित किया गया। निकलेगी कंपनियों की कुंडली प्रशिक्षण में रजिस्ट्रार ऑफ कंपनी कार्यालय बिलासपुर से अधिकृत अधिवक्ता हर्षल चौहान और आईटी सेल अधिकारी प्रणव भट्टाचार्य ने पुलिस अधिकारियों को चिटफंड कंपनियों की डिजिटल जांच की बारीकियां समझाईं। अधिकारियों को बताया गया कि मिनिस्ट्री ऑफ कॉर्पोरेट अफेयर्स की वेबसाइट के जरिए किसी भी पंजीकृत कंपनी के डायरेक्टर, सीआईएन नंबर, रजिस्ट्रेशन और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज ऑनलाइन कैसे निकाले जा सकते हैं। थाना स्तर तक पहुंची डिजिटल जांच की ट्रेनिंग प्रशिक्षण कार्यक्रम में केवल थाना प्रभारी ही नहीं, बल्कि थानों में पदस्थ सीसीटीएनएस आरक्षक भी शामिल हुए। उन्हें कंपनी रजिस्ट्रेशन, रौक रिकॉर्ड और ऑनलाइन डेटा एनालिसिस की प्रक्रिया विस्तार से समझाई गई। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस प्रशिक्षण के बाद चिटफंड मामलों में फरार आरोपियों की तलाश और विवेचना पहले की तुलना में ज्यादा प्रभावी और तकनीकी आधार पर की जा सकेगी। फरार आरोपियों तक सीधी पहुंच बिलासपुर पुलिस के मुताबिक प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य जिले में पंजीबद्ध चिटफंड कंपनियों के खिलाफ दर्ज अपराधों की विवेचना को मजबूत करना और फरार आरोपियों तक तेजी से पहुंच बनाना है, ताकि मामलों को प्रभावी तरीके से न्यायालय में प्रस्तुत किया जा सके। मनोज राज 26 मई 2026