क्षेत्रीय
26-May-2026
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झाबुआ (ईएमएस)जिले के अनुविभाग पेटलावद के किसानों को प्रदेश शासन द्वारा बड़ी सौगात देते हुए माही नहरों के सुदृढ़ीकरण हेतु 16 करोड़ से अधिक की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है। उक्त प्रशासकीय स्वीकृति से पेटलावद एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों की सिंचाई व्यवस्था मजबूत होगी तथा किसानों को समय पर और पर्याप्त मात्रा में सिंचाई जल उपलब्ध हो सकेगा। प्रदेश की महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने उक्त स्वीकृति पर क्षेत्रवासियों की ओर से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस निर्णय से जहां नहरों का कायाकल्प होगा, पानी की बर्बादी रुकेगी, वहीं किसानों के खेतों तक पर्याप्त सिंचाई जल पहुंच सकेगा। भूरिया ने विश्वास जताया है कि यह स्वीकृति क्षेत्र की कृषि प्रगति में मील का पत्थर साबित होगी। प्रदेश सरकार द्वारा उक्त प्रशासकीय स्वीकृति के संबंध में जिला प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी अनुसार मध्यप्रदेश शासन के जल संसाधन विभाग द्वारा माही परियोजना की नहरों के विशेष मरम्मत एवं सुदृढ़ीकरण कार्य के लिए 1668.35 लाख रुपये (16 करोड़ 68 लाख 35 हजार रुपये) की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है। उक्त राशि से माही मुख्य नहर शाखा एवं उससे जुड़ी सहायक नहरों के विशेष मरम्मत कार्य के अंतर्गत मुख्य नहर के सुधार, वितरिका (डिस्ट्रीब्यूटरी) नहरों के जीर्णोद्धार तथा किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाने वाली माइनर एवं सब-माइनर नहरों की मरम्मत एवं सुदृढ़ीकरण कार्य किए जाएंगे। इन कार्यों के पूर्ण होने से नहरों में पानी की बर्बादी रुकेगी तथा अंतिम छोर तक सिंचाई जल पहुंचाना संभव हो सकेगा। इस स्वीकृति से पेटलावद एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों की सिंचाई व्यवस्था मजबूत होगी तथा किसानों को समय पर और पर्याप्त सिंचाई जल उपलब्ध हो सकेगा। उल्लेखनीय है कि माही परियोजना पेटलावद क्षेत्र की जीवनरेखा मानी जाती है। इस महत्वपूर्ण परियोजना को धरातल पर उतारने में पूर्व सांसद स्वर्गीय दिलीप सिंह भूरिया की महत्वपूर्ण भूमिका रही थी। वर्तमान में परियोजना की नहरों की कुल लंबाई लगभग 284 किलोमीटर है, जिससे पेटलावद क्षेत्र के 19 हजार से अधिक किसानों को लाभ मिल रहा है तथा करीब 22 हजार हेक्टेयर कृषि भूमि सिंचित हो रही है। उक्त प्रशासकीय स्वीकृति पर महिला एवं बाल विकास विभाग मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि माही परियोजना क्षेत्र के किसानों की जीवनरेखा है, और इससे बड़ी संख्या में किसान लाभान्वित हो रहे हैं, किंतु लंबे समय से किसान नहरों के क्षतिग्रस्त होने तथा अंतिम छोर तक पानी नहीं पहुंच पाने की समस्या से परेशान थे, ऐसे में किसानों की इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए शासन स्तर पर विशेष मरम्मत कार्य की मांग लगातार उठाई गई थी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य शासन द्वारा 16 करोड़ 68 लाख रुपये से अधिक की स्वीकृति प्रदान किया जाना क्षेत्र के किसानों के लिए ऐतिहासिक निर्णय है। उन्होंने कहा कि इस निर्णय से नहरों का कायाकल्प होगा, पानी की बर्बादी रुकेगी तथा किसानों के खेतों तक पर्याप्त सिंचाई जल पहुंचेगा। यह स्वीकृति क्षेत्र की कृषि प्रगति में मील का पत्थर साबित होगी। सुश्री भूरिया ने पूरे क्षेत्रवासियों की ओर से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट के प्रति आभार व्यक्त किया है। ईएमएस/ डॉ. उमेश चन्द्र शर्मा/ 26/5/2026/