क्षेत्रीय
26-May-2026
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- 16 जिलों की 105 बहनों ने लिया हिस्सा बिलासपुर (ईएमएस)। विश्व हिंदू परिषद दुर्गा वाहिनी द्वारा आयोजित छत्तीसगढ़ प्रांत स्तरीय शौर्य प्रशिक्षण वर्ग का समापन उस्लापुर में हुआ।सात दिवासीय तक चले इस आवासीय प्रशिक्षण वर्ग में छत्तीसगढ़ के 9 विभागों और 16 जिलों से आई 105 बहनों ने सहभागिता की।आठ दिवसीय इस प्रशिक्षण वर्ग में बहनों को मानसिक, शारीरिक और आध्यात्मिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गईं। प्रशिक्षण के दौरान समता, दंड, तलवार, नियुद्ध, लक्ष्यभेद और योग जैसे अभ्यास कराए गए। वहीं बौद्धिक सत्रों में हिंदू संस्कृति, राष्ट्र निर्माण में महिलाओं की भूमिका, भारत का गौरवशाली इतिहास, पंच परिवर्तन और कार्यकर्ता के गुण-विवेक जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। - अज्ञानता धर्मांतरण का बड़ा कारण वर्ग में दुर्गावाहिनी की केंद्रीय संयोजिका एवं विश्व हिंदू परिषद की केंद्रीय सह मंत्री प्रज्ञा परिमिता महला ने कहा कि धर्मांतरण का मुख्य कारण गरीबी नहीं बल्कि अज्ञानता है। समाज को जागरूक बनाकर ही इस समस्या का समाधान किया जा सकता है।उन्होंने कहा कि आज की बेटियों को मानसिक, वैचारिक और शारीरिक रूप से मजबूत बनना होगा, तभी वे स्वयं की सुरक्षा के साथ राष्ट्र निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा पाएंगी। - नारी ही राष्ट्र की वास्तविक शक्ति समापन सत्र की मुख्य वक्ता साध्वी गिरजेश नंदिनी दीदी माँ ने अपने उद्बोधन में कहा कि नारी केवल परिवार की आधारशिला नहीं, बल्कि राष्ट्र की शक्ति है। उन्होंने बहनों से सनातन संस्कारों को जीवन में आत्मसात कर समाज और राष्ट्र के प्रति - जागरूकता फैलाने का आह्वान किया। व्यावहारिक प्रशिक्षण और सांस्कृतिक गतिविधियां भी हुईं कृति सत्रों में शक्ति साधना केंद्र, बाल संस्कार केंद्र, किशोरी समस्याएं एवं आंदोलन जैसे विषयों पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। इसके अलावा केरला स्टोरी 2 फिल्म का प्रदर्शन भी कराया गया। दैनिक दिनचर्या में दीप मंत्र, भोजन मंत्र, प्रात: स्मरण, एकता मंत्र, विजय महामंत्र और सत्संग पद्धति का अभ्यास कराया गया।वर्ग में केंद्रीय मंत्री एवं केंद्रीय सत्संग प्रमुख बसंत रथ, क्षेत्र संगठन मंत्री जितेंद्र पवार, क्षेत्र सेवा प्रमुख विभूति भूषण पांडे, मातृशक्ति क्षेत्र संयोजिका सुनीता गर्ग, दुर्गावाहिनी क्षेत्र संयोजिका प्रतिमा शर्मा, प्रांत मंत्री पूर्णेंद्र सिन्हा, प्रांत उपाध्यक्ष शिशपाल राजपूत, गीतिका शर्मा और डॉ. संजना तिवारी सहित अनेक पदाधिकारियों का मार्गदर्शन मिला। - इनकी रही भूमिका प्रशिक्षण वर्ग के संचालन में पालक प्रेमलता बिसेन, वर्ग प्रमुख भारती सिंह, मुख्य शिक्षिका प्रीति दुबे, बौद्धिक प्रमुख शकुंतला सिंह और पर्यवेक्षिका रोशनी सोनी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। - 26 मई 2026