क्षेत्रीय
27-May-2026


श्योपुर ( ईएमएस ) | म.प्र. शासन द्वारा मनरेगा योजना अंतर्गत स्व-सहायता समूह से जुड़ी महिला सदस्यों के खेतों में फलोद्यान विकसित किये जाने की दृष्टि से प्रारंभ की गयी मां की बगीया योजना छोटे किसानो के लिये वरदान साबित हो रही है। विजयपुर एवं उसके आस-पास के ग्रामीण क्षेत्रों में योजनान्तर्गत लगाये गये पौधों में अच्छी वृद्धि देखने को मिल रही है। किसानों द्वारा पौधों के बीच में हरी सब्जियां, मूंग इत्यादि की खेती की जा रही है। जिससे उन्हे गर्मीयों के इस मौसम में नगद कमाई भी हो रही है। योजना की समीक्षा स्वयं मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत श्योपुर द्वारा प्रतिमाह की जा रही है। कलेक्टर सुश्री शीला दाहिमा के मार्गदर्शन एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत श्रीमती सौम्या आनंद के निर्देशन में स्व-सहायता समूह से जुड़ी दीदीयों के खेत में मां की बगीया योजना का क्रियान्वयन जिले में किया जा रहा है। योजनान्तर्गत समस्त कार्य जैसेः जमीन का चिन्हाकन, हितग्राही से संबंधित परिवार की जानकारी सीपरी ऐप के माध्यम से कृषि सखीयों द्वारा की गयी है। श्योपुर जिले के विजयपुर विकासखण्ड के ग्राम उपचा, मढ़ा, गुर्जा, खितरपाल, बेनीपुरा, मेवरा, गांवड़ी, सिथैयापुरा इत्यादि ग्रामों में स्व-सहायता समूह की 22 दीदीयों के यहां मां की बगीया योजनान्तर्गत लगभग 01-01 एकड़ भूमि पर फलोद्यान के पौधे रोपित किये गये है। म.प्र. राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन विजयपुर विकासखण्ड प्रबंधक श्री बृजेश शर्मा ने बताया कि इन ग्रामों में 22 दीदीयों के यहां अमरूद, आम, नींबू एवं कटहल के पौधें दीदीयों द्वारा लगाये गये है, तथा यह पौधें अब अच्छे से बढ़ने लगे है, तथा जिन हितग्राहियों द्वारा पौधों की नियमित रूप से देखभाल की जा रही है। मां की बगीया योजना शासन की एक महत्वपूर्ण योजना है, योजना का क्रियान्वयन मनरेगा के माध्यम से किया जा रहा है। जिसमें एक हितग्राही के खेत में अगले 03 साल में सरकार द्वारा 2.5 लाख से अधिक की राशि का व्यय किया जायेगा। यह व्यय मजदूरी एवं सामग्री के रूप में होना है, तथा हितग्राहियों को पौधे लगाने, खाद देने, सिंचाई करने, थाला बनाने इत्यादि समस्त कार्यों के लिये हितग्राहियों द्वारा किये गये कार्य का भुगतान किये जाने का प्रावधान है। योजनान्तर्गत हितग्राहियों द्वारा मां की बगीया में सब्जी की खेती की जा रही है, ग्राम बेनीपुरा निवासी श्रीमती पुष्पा पत्नि श्री रामहेत द्वारा ककड़ी, भिंण्डी, लोकी, कद्दू इत्यादि की खेती जा रही है, तथा सब्जी बेचकर लगभग 6 हजार रूपये की आय अर्जित की है। इसी प्रकार से इसी गांव की श्रीमती ममता पत्नि श्री रूप सिंह द्वारा बीच के स्थान में हरे चारें का उत्पादन किया जा रहा है। श्रीमती ममता द्वारा 02 भैसों का पालन इससे किया जा रहा है। ग्राम गुर्जा निवासी श्रीमती रामजानकी पत्नि श्री पान सिंह द्वारा मूंग की खेती की गयी। इसी प्रकार से बरदुला निवासी श्रीमती मनीषा पत्नि श्री मदन द्वारा भिण्डी, लोकी एवं कददू की खेती की जा रही है, जिससे नियमित रूप से सब्जी बेचकर आय अर्जित की जा रही है। डीपीएम एनआरएलएम श्री सोहनकृष्ण मुदगल ने बताया कि योजनान्तर्गत तार फैसिंग का प्रावधान सरकार द्वारा किया गया है, ग्राम गोपालपुर निवासी श्रीमती गुडडी पत्नि श्री महिपत एवं श्रीमती बैकुण्ठी पत्नि श्री बद्री कुशवाह द्वारा मां की बगीया में सब्जी का उत्पादन कर खेत पर ही रहना प्रांरभ किया है, जिससे पौधों की समय पर आवश्यक देखभाल सुनिश्चित हो रही है। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती सौम्या आनंद द्वारा प्रतिमाह मनरेगा एवं म.प्र. राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की समीक्षा में मां की बगीया योजना की समीक्षा भी की जा रही है, जिससे अपेक्षित कार्य प्रगति संभव हो पा रही है। इस योजना से न सिर्फ पयार्यवरण को आगामी वर्षाे में बल मिलेगा बल्कि हितग्राहियों के लिये योजना आम के आम गुठलियो का दाम वाली साबित हो रही है। क्योंकि हितग्राहियों को उनके द्वारा किये गये कार्य की मजदूरी तो मिल रही है इसके साथ-साथ अन्तवर्तीय फसलों से किसान नगद कमाई कर रहे है, तथा आगामी 03 वर्ष में फलोद्यान से उन्हे घर बैठे अच्छी आमदनी मिलने लगेगी।