:: 100 रूपये प्रति वर्गफुट से कम दर पर प्लॉट उपलब्ध; केंद्र सरकार की पीएसयू लगाएगी ग्रीन अमोनिया प्लांट :: धार/इंदौर (ईएमएस)। मध्य प्रदेश औद्योगिक विकास निगम (एमपीआईडीसी) द्वारा धार जिले के औद्योगिक क्षेत्र हातोद में बड़े पैमाने पर बुनियादी ढाँचे का विस्तार किया जा रहा है। लगभग 152 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला यह औद्योगिक क्षेत्र 43 करोड़ रूपये की लागत से तैयार किया गया है, जो अब प्रदेश के प्रमुख उभरते औद्योगिक निवेश केंद्रों में शुमार हो रहा है। क्षेत्र में पहले से ही पायनियर सीमेंट और अमृत पेपर्स जैसी बड़ी औद्योगिक इकाइयाँ स्थापित हैं। इसके साथ ही वर्तमान में फार्मा, फूड प्रोसेसिंग और एग्रो आधारित विभिन्न उद्योग सफलतापूर्वक संचालित हो रहे हैं, जिससे यहाँ एक मजबूत औद्योगिक इकोसिस्टम विकसित हो रहा है। :: 53 इकाइयों को भूमि आवंटित, 500 लोगों को मिलेगा रोजगार :: औद्योगिक क्षेत्र हातोद में अब तक 53 औद्योगिक इकाइयों को भूमि आवंटित की जा चुकी है। इन इकाइयों द्वारा 750 करोड़ रूपये से अधिक के निवेश और लगभग 500 लोगों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार उपलब्ध कराने का प्रस्ताव है। क्षेत्र में बढ़ती औद्योगिक गतिविधियों को देखते हुए एमपीआईडीसी ने भविष्य की जरूरतों के लिए 150 हेक्टेयर से अधिक अतिरिक्त भूमि भी चिन्हित कर ली है। इसके अलावा, उद्योगों को निर्बाध पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए निगम 22 करोड़ रूपये की लागत से नई जल प्रदाय पाइपलाइन विकसित कर रहा है। :: 1300 करोड़ की लागत से लगेगा ग्रीन अमोनिया प्लांट :: पर्यावरण अनुकूल और टिकाऊ (सस्टेनेबल) उद्योगों को बढ़ावा देने की दिशा में इस क्षेत्र को एक बड़ी कामयाबी मिलने जा रही है। भारत सरकार की एक प्रमुख पीएसयू (सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम) कंपनी ने हातोद में लगभग 1300 करोड़ रूपये के भारी-भरकम निवेश से 70 केटीपीए क्षमता का ग्रीन अमोनिया प्लांट स्थापित करने में रुचि दिखाई है। यह मेगा प्रोजेक्ट क्षेत्र में ग्रीन ऊर्जा आधारित औद्योगिक विकास को एक नई और आधुनिक दिशा प्रदान करेगा। :: गुजरात के निवेशकों की पसंद, 100 से कम में जमीन :: हातोद में वर्तमान में 70 से अधिक औद्योगिक प्लॉट निवेशकों के लिए पूरी तरह तैयार हैं, जिनका आकार 500 वर्गमीटर से लेकर 10,000 वर्गमीटर तक है। सबसे खास बात यह है कि यहाँ विकसित औद्योगिक भूमि अत्यंत प्रतिस्पर्धी दरों पर, यानी 100 रूपये प्रति वर्गफुट से भी कम मूल्य पर उपलब्ध है। यही वजह है कि विशेष रूप से पड़ोसी राज्य गुजरात के उद्योगपतियों द्वारा इस क्षेत्र में निवेश के प्रति भारी रुचि दिखाई जा रही है। वहीं, उद्योगों को कुशल और तकनीकी रूप से प्रशिक्षित जनशक्ति आसानी से मिल सके, इसके लिए सरदारपुर आईटीआई महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। एमपीआईडीसी का अंतिम उद्देश्य हातोद को एक बहुआयामी औद्योगिक हब बनाकर प्रदेश में आर्थिक विकास को नई गति देना है। प्रकाश/27 मई 2026