राज्य
28-May-2026


नई दिल्ली (ईएमएस)। ये मुकदमे मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट के समक्ष लंबित हैं। लेकिन इसके बावजूद ये लोग उच्च न्यायालय में रेहड़ी-पटरी के लिए लाइसेंस प्राप्त करने के आग्रह के साथ पहुंच गए। इन्हें इस तरह के फर्जी दस्तावेज इस्तेमाल करने के अपराध की गंभीरता का अंदाजा हाईकोर्ट ने पाया है कि एक तरफ जहां आमजन को राहत देने के लिए रेहड़ी-पटरी वालों को सड़क व फुटपाथ से हटाने को लेकर गंभीरता बरती जा रही है, वहीं ऐसे मामले सामने आ रहे हैं, जिनमें रेहड़ी-पटरी पर दुकान लगाने के लिए लाइसेंस पाने के लिए फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया जा रहा है। दिल्ली के सभी बड़े बाजारों में इस तरह के मामले सामने आए हैं। न्यायमूर्ति प्रतिभा एम. सिंह एवं न्यायमूर्ति मधु जैन की पीठ ने सरोजनी नगर समेत अन्य बाजारों में रेहड़ी-पटरी पर दुकान की अनुमति लेने पहुंचे कई याचिकाकर्ताओं को राहत देने से इनकार कर दिया है। पीठ ने कहा कि हैरत की बात यह है कि इन मामलों की सुनवाई के दौरान पता चला कि संबंधित बाजारों की एसोसिएशन ने नई दिल्ली नगर परिषद (एनडीएमसी) व दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) में फर्जी दस्तावेज पेश करने वाले ऐसे लोगों के खिलाफ आपराधिक मुकदमे भी दर्ज कराए हैं। ये मुकदमे मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट के समक्ष लंबित हैं। लेकिन इसके बावजूद ये लोग उच्च न्यायालय में रेहड़ी-पटरी के लिए लाइसेंस प्राप्त करने के आग्रह के साथ पहुंच गए। इन्हें इस तरह के फर्जी दस्तावेज इस्तेमाल करने के अपराध की गंभीरता का अंदाजा नहीं है या ये अंजाम से बेफिक्र हैं। अजीत झा/देवेन्द्र/नई दिल्ली/ईएमएस/28/ मई/2026