नई दिल्ली (ईएमएस)। रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (डब्ल्यूएफआई) ने महिला पहलवान विनेश फोगाट को आगामी एशियाई खेलों के चयन ट्रायल में भाग लेने की इजाजत देने वाले दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। डब्ल्यूएफआई की इस याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को सुनवाई होगी। इसके बाद ही ये स्पष्ट हो पाएगा कि विनेश ट्रायल में भाग ले सकेंगी या नहीं। इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने 22 मई को अपने एक आदेश में विनेश को ट्रायल्स में भाग लेने की अनुमति दी थी। अदालत ने डब्ल्यूएफआई को 30-31 मई को होने वाले चयन ट्रायल्स की वीडियो रिकॉर्डिंग करने का भी निर्देश दिया था, जिसमें स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (साई) और इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन (आईओए) के एक-एक स्वतंत्र पर्यवेक्षक की उपस्थिति अनिवार्य की गई थी। दिल्ली हाईकोर्ट ने भारतीय कुश्ती महासंघ को विनेश फोगाट को भेजे गए एक नोटिस के लिए कड़ी फटकार भी लगाई थी। डब्ल्यूएफआई ने उस नोटिस में कहा था कि पेरिस ओलंपिक में विनेश का वजन ज्यादा होने के कारण बाहर होना देश के लिए शर्म का विषय था। हाईकोर्ट ने इस नोटिस को अनुचित ठहराया था। डब्ल्यूएफआई की यह चुनौती पूर्व के उन बयानों से उलट है, जिसमें महासंघ के सूत्रों ने कहा था कि वे अदालत के आदेश का सम्मान करेंगे और इस फैसले को चुनौती नहीं देंगे। हालांकि, महासंघ ने पहले यह संकेत जरूर दिया था कि अगर विनेश ट्रायल्स के जरिए क्वालीफाई कर भी लेती हैं, तो भी लॉजिस्टिक्स से जुड़ी दिक्कतें आ सकती हैं। उनका तर्क था कि इस प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों की सूची इस महीने की शुरुआत में ही जापान भेजी जा चुकी है। संघ की तरफ से यह भी कहा गया था कि अगर उन्हें एक आइकॉनिक खिलाड़ी के तौर पर टीम में शामिल किया भी जाता है, तो उन्हें 50 किलोग्राम वर्ग में ही मुकाबला करना होगा। अब सभी की निगाहें सुप्रीम कोर्ट पर टिकी हैं कि वह इस जटिल मामले में क्या फैसला लेता है। शुक्रवार को होने वाली सुनवाई के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि पहलवान विनेश फोगाट के एशियाई खेलों के ट्रायल में हिस्सा लेने का मार्ग प्रशस्त होगा या उन्हें एक और कानूनी लड़ाई का सामना करना पड़ेगा। ईएमएस 28 मई 2026