नई दिल्ली (ईएमएस)। इजरायल ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के साथ सहयोग रोकने का बड़ा फैसला लिया है। यह कदम उस रिपोर्ट के बाद उठाया गया, जिसमें इजरायली सुरक्षा बलों पर युद्ध के दौरान यौन हिंसा से जुड़े गंभीर आरोप लगाए गए हैं। संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में इजरायल को उन देशों और संगठनों की सूची में शामिल किया गया है, जिन पर संघर्ष क्षेत्रों में यौन हिंसा के आरोप लगे हैं। रिपोर्ट के अनुसार संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि फिलिस्तीनी बंदियों और कैदियों के साथ कथित तौर पर अपमानजनक व्यवहार, जबरन निर्वस्त्र करना और यौन हिंसा जैसी घटनाओं के विश्वसनीय दस्तावेज सामने आए हैं। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने इन मामलों पर “गंभीर चिंता” जताई है। इजरायल ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। संयुक्त राष्ट्र में इजरायल के राजदूत डैनी डैनन ने कहा कि यह फैसला “बेबुनियाद और पक्षपातपूर्ण” है। उनका आरोप है कि संयुक्त राष्ट्र इजरायल के खिलाफ राजनीतिक एजेंडा चला रहा है और हमास के अत्याचारों को नजरअंदाज कर रहा है। इजरायल सरकार ने कहा है कि वह अब संयुक्त राष्ट्र महासचिव के कार्यालय के साथ आधिकारिक सहयोग सीमित करेगी। माना जा रहा है कि इससे गाजा में मानवीय सहायता और अंतरराष्ट्रीय निगरानी से जुड़े प्रयासों पर असर पड़ सकता है। उधर मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि संघर्ष के दौरान सभी पक्षों द्वारा कथित मानवाधिकार उल्लंघनों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर गाजा युद्ध, अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र की भूमिका को लेकर वैश्विक बहस तेज कर दी है।