राज्य
29-May-2026
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:: इंदौर के संचालकों पर गिरी गाज; मानक से कम मिली डेंसिटी, पंप और डिस्पेंसरी यूनिट सील :: इंदौर (ईएमएस)। इंदौर जिले के देपालपुर (मेथवाड़ा) स्थित मेसर्स इंदौर बायो एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड बायोडीजल पंप पर अवैध रूप से नकली बायोडीजल बेचने की गंभीर शिकायत मिलने के बाद खाद्य विभाग द्वारा एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया गया है। विभाग की टीम ने त्वरित एक्शन लेते हुए प्रारंभिक जांच में ही भारी गड़बड़ी पाए जाने पर पंप को मौके पर ही पूरी तरह सील कर दिया है। जांच की यह वैधानिक कार्रवाई सहायक आपूर्ति अधिकारी शिव सुंदर व्यास (देपालपुर) एवं कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी अजय अस्थाना द्वारा संयुक्त रूप से की गई। विभागीय अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, इस पंप के भागीदार सुनीता पति सुभाष केसवाल एवं सुभाष पति रामचंद्र केसवाल (निवासी- 1525, द्वारकापुरी, इंदौर) हैं, जिनके द्वारा अवैध रूप से नकली ईंधन की बिक्री की जा रही थी। शिकायत के आधार पर जब खाद्य विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की, तो सामने आया कि पंप संचालक राज्य सरकार की अधिकृत लाइसेंस प्राप्त छह सप्लायर कंपनियों से ईंधन की सप्लाई न लेते हुए, अन्य अनाधिकृत फर्मों से माल ले रहे थे। :: मानक से बेहद कम मिली डेंसिटी, 4.20 लाख का नकली ईंधन जप्त :: नियमों के मुताबिक पंप संचालक केवल BS100 मानक का ही बायोडीजल बाजार में विक्रय कर सकते हैं, जिसकी डेंसिटी 900 से ऊपर होनी अनिवार्य है। परंतु, जब खाद्य विभाग की टीम ने मौके पर बायोडीजल की शुद्धता और मानक की जांच की, तो वहां डेंसिटी महज 860 पाई गई, जो सीधे तौर पर इसके नकली होने की पुष्टि करता है। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके से कुल 6000 लीटर नकली बायोडीजल जप्त किया है, जिसकी बाजार में अनुमानित कीमत लगभग 4 लाख 20 हजार रुपये से अधिक आंकी गई है। :: अंडरग्राउंड टैंक सील, लैब टेस्ट की रिपोर्ट के बाद दर्ज होगी एफआईआर :: खाद्य विभाग ने तत्काल प्रभाव से पंप पर नकली बायोडीजल की बिक्री को पूरी तरह बंद करवा दिया है। इसके साथ ही पूरे पंप परिसर, मुख्य डिस्पेंसरी यूनिट और भूमिगत (अंडरग्राउंड) स्टोरेज टैंक को सील कर दिया गया है। मौके से जप्त किए गए बायोडीजल के सैम्पल लेकर उन्हें अधिकृत लेबोरेटरी (प्रयोगशाला) में केमिकल टेस्टिंग और विस्तृत जांच के लिए भेजा जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि लैब से आधिकारिक नमूना रिपोर्ट आते ही दोषियों के खिलाफ सख्त वैधानिक एवं दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। प्रकाश/29 मई 2026