बच्चों का भविष्य तय करने में उनकी संगत एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यही कारण है कि हर माता-पिता अपने बच्चों को गलत संगत से बचाने के लिए चिंतित रहते हैं, खासकर उनके स्कूली शिक्षा के दौरान। इस नाजुक दौर में बच्चों की दोस्ती और व्यवहार उनके व्यक्तित्व की नींव रखती है, और यदि वे गलत राह पर चले जाते हैं, तो इसका दुष्प्रभाव आजीवन रह सकता है। बच्चों की संगत का सीधा असर उनके व्यक्तित्व और व्यवहार पर दिखाई देता है, इसलिए माता-पिता को बच्चों से नजदीकी बढ़ाते हुए उनकी गतिविधियों पर बारीकी से नजर रखने की आवश्यकता है। सही समय पर बच्चे की संगत का अंदाजा लगाकर उन्हें बुरी संगत की चपेट में आने से बचाया जा सकता है। बच्चों को गलत संगत से बचाने का पहला कदम उनके दोस्तों को जानना है। माता-पिता को यह समझना चाहिए कि उनके बच्चे किन साथियों के साथ समय बिताते हैं और उन दोस्तों का स्वभाव कैसा है। उनके दोस्तों से मिलने-जुलने और उन्हें करीब से जानने के लिए, घर पर किड्स पार्टी या आइसक्रीम पार्टी जैसे आयोजनों की व्यवस्था की जा सकती है। इससे न केवल माता-पिता को बच्चों के दोस्तों के बारे में सीधी जानकारी मिलेगी, बल्कि वे किसी भी संभावित गलत संगत के खतरे को भी पहचान पाएंगे और उसे रोकने के लिए उचित कदम उठा सकेंगे। बच्चों के साथ व्यवहार करते समय संयम और संवेदनशीलता बरतना आवश्यक है। विशेषकर भावुक बच्चों के साथ अत्यधिक सख्ती से पेश आने से बचना चाहिए। ऐसे बच्चे अक्सर अधिक समझदार होते हैं और प्यार से समझाई गई बातों को आसानी से ग्रहण करते हैं। कठोरता से पेश आने पर वे और अधिक प्रभावित हो सकते हैं, जिससे स्थिति सुधरने की बजाय बिगड़ सकती है। उन्हें प्यार और भरोसे के साथ समझाना अधिक प्रभावी होता है, क्योंकि सख्ती उन्हें विद्रोही या अंतर्मुखी बना सकती है। अकेलापन महसूस करने वाले बच्चे अक्सर बाहर की दुनिया में दोस्त ढूंढते हैं, खासकर जब माता-पिता अत्यधिक व्यस्त रहते हैं या बच्चों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दे पाते। इस स्थिति से बचने का सबसे अच्छा तरीका है कि माता-पिता स्वयं अपने बच्चों के दोस्त बन जाएं। जब बच्चों की अपने माता-पिता के साथ अच्छी बॉन्डिंग होती है, तो वे अपनी हर बात उनसे साझा करते हैं और उनकी सलाह को सुनते भी हैं। यह उन्हें बाहरी दुनिया में असीमित और कभी-कभी गलत दोस्तों की तलाश करने से रोकेगा, जिससे वे बुरी आदतों और गलत संगत से दूर रह सकेंगे। बच्चों को पर्याप्त समय देना भी गलत संगत से बचाने का एक महत्वपूर्ण उपाय है। माता-पिता द्वारा दिया गया गुणवत्तापूर्ण समय उनके और बच्चों के बीच के रिश्ते को मजबूत करता है। इससे बच्चे खुलकर अपनी बातें साझा करते हैं और किसी भी परेशानी में माता-पिता की मदद ले पाते हैं। यह उन्हें ऐसी स्थितियों से बचाता है जहाँ वे बाहरी प्रभावों के शिकार हो सकते हैं या गलत सलाह पर अमल कर सकते हैं। संक्षेप में, बच्चों को गलत संगत से बचाने के लिए माता-पिता की सक्रिय भागीदारी, समझदारी और प्यार भरा व्यवहार अत्यंत आवश्यक है। उनकी जीवन यात्रा के इस महत्वपूर्ण पड़ाव पर, सही मार्गदर्शन उन्हें एक उज्जवल भविष्य की ओर ले जाएगा। 30 मई ईएमएस फीचर