- एसीबी की कार्रवाई में 60 हजार रुपए बरामद, अटैचमेंट व्यवस्था पर उठे सवाल रायगढ़(ईएमएस)। जिले की छाल तहसील में एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की कार्रवाई के बाद राजस्व कार्यालयों में शिक्षकों की तैनाती और अटैचमेंट व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जिस तुलाराम पटेल पर जमीन रिकॉर्ड सुधारने के एवज में रिश्वत मांगने का आरोप लगा है, वह राजस्व विभाग का कर्मचारी नहीं, बल्कि शिक्षा विभाग में पदस्थ सहायक शिक्षक है। जानकारी के अनुसार, तुलाराम पटेल प्राथमिक शाला कटाईपाली-सी में शिक्षाकर्मी वर्ग-3 (सहायक शिक्षक) के पद पर नियुक्त है, लेकिन लंबे समय से छाल तहसील कार्यालय में संलग्न होकर राजस्व संबंधी कार्यों का संचालन कर रहा था। स्थानीय लोगों के बीच उसकी पहचान शिक्षक से अधिक तहसील कार्यालय के प्रभावशाली कर्मचारी के रूप में बन गई थी। नामांतरण, बी-1 सुधार, रिकॉर्ड दुरुस्ती और अन्य दस्तावेजी कार्यों के लिए ग्रामीण सीधे उसी से संपर्क करते थे। सूत्रों के मुताबिक, छाल तहसील में केवल तुलाराम ही नहीं, बल्कि तीन अन्य शिक्षक भी विभिन्न कार्यालयीन कार्यों में संलग्न हैं। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि स्कूलों में पढ़ाने के लिए नियुक्त शिक्षकों से राजस्व विभाग का काम किस आधार पर कराया जा रहा है। एसीबी की टीम ने इंस्पेक्टर योगेश राठौड़ के नेतृत्व में तहसील कार्यालय में दबिश दी। कार्रवाई के दौरान कार्यालय परिसर में अफरा-तफरी मच गई। जांच के दौरान टीम किचन रूम तक पहुंची, जहां एक डिब्बे में छिपाकर रखे गए 60 हजार रुपए बरामद किए गए। हालांकि मामले में एक महत्वपूर्ण कानूनी पहलू भी सामने आया है। एसीबी की टीम आरोपी को कथित रिश्वत की रकम लेते हुए रंगे हाथों नहीं पकड़ सकी। ऐसे में आगे की जांच शिकायतकर्ता के बयान, पूर्व सत्यापन के दौरान रिकॉर्ड की गई बातचीत और अन्य परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जाएगी। सत्यप्रकाश(ईएमएस)30 मई 2026