-बरसात को लेकर भी विभाग की कोई तैयारी नहीं, पेड़ों पर झूल रहे तार वाराणसी,(ईएमएस)। उमस भरी गर्मी ने पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के तैयारी की पोल खोलकर रख दी। मनमानी बिजली कटौती और ट्रिपिंग से लोग परेशान हैं। छोटी-छोटी खराबी को दूर करने में घंटों लग रहे हैं। बरसात में बिजली और परेशान करती है, फिर भी बिजली विभाग की ओर से तैयारी नहीं की गई है। ऐसे में गर्मी से ज्यादा बरसात में बिजली संकट झेलने के लिए उपभोक्ता परेशान हैं। आदेश होने के बाद भी अभियंताओं ने क्षेत्र में पेट्रोलिंग करके बिजली के ट्रांसफार्मरों, खंभों और तारों से सटे पेड़ों के डालियों की छंटाई नहीं की है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक मानसून दस्तक देने से पहले जिले में बिजली व्यवस्था को दुरुस्त करने के दावे तो हर साल किए जाते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही होती है। शहर से लेकर गांव तक बिजली के तारों से सटकर बढ़ चुकी पेड़ों की डालियों की अब तक छंटाई नहीं हुई है। ऐसे में बरसात और तेज आंधी में बिजली आपूर्ति बाधित होने का खतरा बढ़ गया है। विभागीय अभियंताओं की लापरवाही का खामियाजा उपभोक्ताओं को घंटों बिजली संकट से जूझना पड़ेगा। कई इलाकों में बिजली के तार पेड़ों की घनी शाखाओं के बीच से गुजर रहे हैं। बारिश के साथ तेज हवा चलने पर पेड़ों की डाली बिजली के तारों पर गिरने से फाल्ट की घटनाएं बढ़ जाती हैं। इससे न केवल बिजली आपूर्ति बाधित होती है, बल्कि कई बार तार टूटने और ट्रांसफार्मर जल जाते हैं। पिछले साल भी बरसात में कई इलाकों में घंटों बिजली गुल रही थी, जिससे उपभोक्ताओं को भारी परेशानी सामना करना पड़ा था। वहीं, बिजली विभाग के कर्मचारी भी मानते हैं कि समय रहते डाली की छंटाई काम पूरा नहीं हुआ तो बिजली संकट से इंकार नहीं किया जा सकता है। मुख्य अभियंता ने बताया कि विभाग की ओर से चरणबद्ध तरीके से पेड़ों के डालियों की छंटाई कराई जा रही है। छंटाई करने को लेकर उपकेंद्र से बिजली आपूर्ति बंद करनी पड़ती है। भीषण गर्मी में बिजली आपूर्ति बंद करने के साथ उपभोक्ताओं का विरोध शुरू हो जाता है। मौसम सामान्य होने पर पेड़ों के डालियों की छंटाई की जाएगी जिससे उपभोक्ताओं को कोई परेशानी नहीं हो। सिराज/ईएमएस 30मई26